नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना को लेकर मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल ने दावा किया है कि सरकार जिस परियोजना को रक्षा और विकास का नाम दे रही है, वह असल में एक व्यवसायी को फायदा पहुंचाने के लिए पारिस्थितिकीय प्रणाली को नष्ट करने की साजिश है।
विकास नहीं, विनाश का खेल राहुल गांधी ने अंडमान और निकोबार के अपने दौरे का एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना के नाम पर डेढ़ करोड़ पेड़ काट दिए गए हैं और दुनिया की सबसे जीवंत मूंगा चट्टानों को मानचित्रों से ही मिटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदायों से उनकी जमीन छीनी जा रही है और उन्हें उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है।
आईएनएस बाज पर सरकार को खुली चुनौती राहुल गांधी ने साफ तौर पर कहा कि अगर सरकार का मकसद वाकई रक्षा है, तो उन्हें आईएनएस बाज (INS Baaz) का विस्तार करना चाहिए। उन्होंने कहा, यदि आईएनएस बाज का विस्तार किया जाता है, तो हम सरकार का पूरा समर्थन करेंगे। राहुल ने दावा किया कि नौसेना पिछले पांच सालों से इसकी मांग कर रही है, लेकिन सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है।
क्या है रणनीतिक महत्व का आईएनएस बाज ? आईएनएस बाज भारतीय नौसेना का सबसे दक्षिणी एयर स्टेशन है, जो कैंपबेल बे में स्थित है। 2012 में स्थापित यह अड्डा अंडमान और निकोबार कमांड का हिस्सा है। इसका महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि यह मलक्का जलडमरूमध्य और सिक्स डिग्री चैनल के बेहद करीब है, जहाँ से दुनिया का बड़ा समुद्री व्यापार गुजरता है। यह देश की समुद्री चौकी के रूप में हिंद महासागर की सुरक्षा और निगरानी के लिए अहम है।
होटल-कैसीनो के लिए पर्यावरण की बलि राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार रक्षा का झूठा ढोंग रचकर भारत के सबसे महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय क्षेत्र को एक व्यवसायी के होटल और कैसीनो के लिए सौंप रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी मुनाफा उस प्रकृति को नष्ट करने के लायक नहीं है, जिसे दोबारा हासिल नहीं किया जा सकता। राहुल ने कहा कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह विकास पारिस्थितिकीय संतुलन के साथ होना चाहिए।
I visited the southernmost tip of India.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 5, 2026
I stood at Indira Point. I walked under trees that have stood for centuries. I dove into coral reefs among the most vibrant on earth.
And I sat with the people who live there. Tribal communities, whose land is being taken away by… pic.twitter.com/RLNtT6L0U4
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