दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित फ्लरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। सुबह की शांत शुरुआत के साथ शुरू हुआ यह हादसा देखते ही देखते एक भयानक त्रासदी में बदल गया। हालांकि, इस विनाश के बीच इंसानियत की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने कई परिवारों को उजड़ने से बचा लिया।
शॉर्ट सर्किट से शुरू हुआ मौत का मंजर घटना की शुरुआत सुबह करीब 8:50 बजे हुई। मालवीय नगर के हौजरानी स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट के बेसमेंट में हुए शॉर्ट सर्किट ने भीषण आग का रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि वे देखते ही देखते इमारत की पांचवीं मंजिल तक पहुंच गईं, जहां फ्लरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल स्थित था।
जान पर खेलकर बने फरिश्ते दमकल विभाग और पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थानीय निवासी वसीम राजा और उनके साथियों ने मोर्चा संभाल लिया था। वसीम बताते हैं, जैसे ही आग लगी, हम मौके पर पहुंचने वाले पहले लोग थे। हमने पास की दुकान से गद्दे मंगाकर सड़क पर बिछाए, ताकि जान बचाने के लिए कूदने वाले विदेशियों और अन्य लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा जा सके।
कटर और साहस से तोड़ा मौत का दरवाजा वसीम और उनके साथियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना धधकती आग में प्रवेश किया। उन्होंने बताया, जहां भी रास्ते लॉक थे, हमने कटर से काटकर लोगों को बाहर निकाला। सीढ़ियों से लेकर बाथरूम तक, जहां भी लोग फंसे थे, हमने उन्हें सुरक्षित निकाला। कई विदेशी नागरिक बेहोशी की हालत में थे, जिन्हें हमने खुद एम्बुलेंस तक पहुंचाया। इस दौरान कांच के टुकड़ों से कई स्थानीय लोगों के पैरों में गंभीर चोटें भी आईं।
दमकल और पुलिस की त्वरित कार्रवाई स्थानीय लोगों के साथ-साथ दमकल विभाग और दिल्ली पुलिस की तत्परता ने इस हादसे की भयावहता को और अधिक बढ़ने से रोका। संयुक्त प्रयासों के चलते 47 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, होटल के भीतर फंसे कई लोगों को सीपीआर (CPR) देकर होश में लाने की कोशिश की गई, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी।
सियासी बयानबाजी और दुखद अंत इस घटना ने जहां एक ओर स्थानीय एकता की मिसाल पेश की, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। आम आदमी पार्टी के सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर पीड़ितों को ही दोषी ठहराने का आरोप लगाया है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। 21 लोगों की मौत के साथ यह घटना दिल्ली के इतिहास की सबसे दर्दनाक अग्निकांडों में से एक बन गई है।
#WATCH | Malviya Nagar fire | Wasim Raja, a local from Hauz Rani village who rescued many people in an attempt to save lives, says, The moment the short circuit happened, we reached here. We were the first ones to reach here. There is a mattress shop here which was damaged. We… pic.twitter.com/Uyc9MPaoBc
— ANI (@ANI) June 3, 2026
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