कोलकाता की सड़कों पर ममता की वापसी: हार के बाद पहली बार शंखनाद
News Image

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में मंगलवार, 2 जून 2026 को एक बड़ा मोड़ आया। विधानसभा चुनाव में करारी हार के 28 दिनों बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चेयरपर्सन ममता बनर्जी ने लंबी चुप्पी तोड़ते हुए पहली बार सार्वजनिक मंच पर कदम रखा।

क्या था विरोध का कारण? ममता बनर्जी ने एस्प्लेनेड स्थित रानी रश्मोनी एवेन्यू पर एक विशाल विरोध मार्च का नेतृत्व किया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विशेषकर उनके भतीजे और TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हालिया हमलों के विरोध में था।

हाथ में संविधान, तेवर सख्त प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी ने धर्मतला के वाई चैनल के सामने धरना दिया। उनके हाथ में भारतीय संविधान की प्रति थी, जो यह संदेश दे रही थी कि उनकी लड़ाई संवैधानिक मूल्यों के लिए है। उन्होंने नई बीजेपी सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।

कार्यकर्ताओं में फूंकी नई जान रैली में ममता ने पार्टी समर्थकों से अपील की कि वे निराश न हों और भाजपा सरकार के हर कदम पर पैनी नजर रखें। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव हारने के बाद पार्टी का मनोबल बनाए रखने के लिए ममता का यह कदम एक पावर शो जैसा था। यह रैली कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और यह संदेश देने के लिए थी कि पार्टी नेतृत्व अभी भी सक्रिय है।

राजनीतिक सर्वाइवल की चाल विश्लेषकों के मुताबिक, इस मार्च का उद्देश्य केवल विरोध जताना नहीं, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में खुद को फिर से प्रासंगिक बनाए रखना है। ममता बनर्जी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सत्ता से बाहर होने के बावजूद वे विपक्ष की मुख्य भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

शांतिपूर्ण रहा शक्ति प्रदर्शन भारी संख्या में जुटे समर्थकों और ममता की उपस्थिति से कोलकाता का राजनीतिक पारा चढ़ा रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मार्च शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पुलिस ने भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की थी।

यह रैली इस बात का प्रमाण है कि बंगाल की राजनीति में दीदी का प्रभाव अभी खत्म नहीं हुआ है, और वे आगामी समय में बीजेपी सरकार के लिए बड़ी चुनौती पेश करने की तैयारी में हैं।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

कर्नाटक में आज सत्ता का नया अध्याय: डीके शिवकुमार लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

Story 1

जवानी का गुनाह, बुढ़ापे में सजा: 34 साल पुराने केस में 85 साल के बुजुर्ग को जेल

Story 1

राजस्थान में मौसम का मिजाज बदला: फिर सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, एक हफ्ते तक लू से राहत

Story 1

शपथ से पहले बड़ा दांव: सिद्धारमैया को मिली नई जिम्मेदारी, कर्नाटक कैबिनेट की तस्वीर साफ

Story 1

बाबर आजम का बल्ला खामोश, क्या अब संन्यास या ब्रेक का है समय?

Story 1

सीबीएसई में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: लोखंडे प्रशांत सीताराम बने नए चेयरपर्सन, राहुल सिंह का तबादला

Story 1

खान सर के कोचिंग पर हमला: फायरिंग की अफवाह निकली गलत, CCTV में कैद हुआ पत्थरबाजों का तांडव

Story 1

NEET-CBSE विवाद: सोनम वांगचुक का बड़ा ऐलान, 6 जून को कॉकरोच जनता पार्टी के साथ सड़क पर उतरेंगे

Story 1

रूसी तेल पर अमेरिका की दादागिरी पर भड़का भारत: दो-टूक कहा- नई दिल्ली तय करेगी अपनी ऊर्जा नीति

Story 1

खाड़ी में भीषण जंग के आसार: ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर किया मिसाइल हमला