17 साल के छात्र ने खोली CBSE की पोल: संसदीय समिति के सामने रखीं ऑन-स्क्रीन मार्किंग की खामियां
News Image

दिल्ली: सीबीएसई की परीक्षाओं, रिजल्ट और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम पर उठे विवादों के बीच, 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने संसद में अपनी बात मजबूती से रखी है। मंगलवार को सार्थक ने शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल से संबंधित संसदीय स्थायी समिति के सामने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।

क्या है पूरा मामला? संसदीय समिति ने सीबीएसई की क्लास 12 परीक्षाओं में इस्तेमाल होने वाले OSM सिस्टम और छात्रों द्वारा उठाई गई चिंताओं की समीक्षा के लिए सार्थक को विशेष रूप से आमंत्रित किया था। समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने बताया कि छात्र ने अपना पक्ष रख दिया है, और अब समिति सीबीएसई से जवाब की प्रतीक्षा कर रही है। उसी के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

कैसे सुर्खियों में आए सार्थक? सार्थक सिद्धांत तब चर्चा में आए जब उन्होंने सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर मौजूद सीबीएसई के टेंडर दस्तावेजों की गहराई से जांच की। उन्होंने अपने ब्लॉग में दावा किया कि बोर्ड ने टेंडरिंग प्रक्रिया में बदलाव कर एक विशेष कंपनी कोएम्प्ट एडुटेक को अनुचित लाभ पहुंचाया।

टेंडर में हेरफेर के गंभीर आरोप सार्थक का आरोप है कि बोर्ड ने तीन अलग-अलग टेंडर राउंड्स में पात्रता और तकनीकी शर्तों को इस तरह बदला कि फायदा कोएम्प्ट एडुटेक को मिले। उन्होंने बताया कि इस कंपनी का पिछला रिकॉर्ड काफी संदिग्ध रहा है और कथित तौर पर इससे जुड़े विवादों के कारण पहले भी कई छात्रों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

कौन सी मुख्य विसंगतियां पकड़ीं? सार्थक ने प्रेस से बातचीत में कम से कम 15 विसंगतियों का दावा किया है। उन्होंने मुख्य रूप से तीन बदलावों को रेखांकित किया:

  1. परफॉर्मेंस क्लॉज हटाना: नई RFP (Request for Proposal) से खराब प्रदर्शन से जुड़ी तीन अहम शर्तों को हटा दिया गया।
  2. ब्लैकलिस्टिंग के नियमों में ढील: पहले की शर्तों में पहले कभी ब्लैकलिस्ट होने वाली कंपनियों को बाहर रखने का प्रावधान था, जिसे बदलकर वर्तमान में ब्लैकलिस्ट किया गया। सार्थक का सवाल है कि बोर्ड ऐसी कंपनी को क्यों चुनना चाहता है जिसका इतिहास दागदार रहा है?

सार्थक का यह साहसी कदम अब सीधे बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, और अब सबकी नजरें संसदीय समिति के अगले फैसले पर टिकी हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

राजस्थान में मौसम का मिजाज बदला: फिर सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, एक हफ्ते तक लू से राहत

Story 1

टीएमसी छात्र संघ कार्यालय में नोटों का ढेर, जले हुए सूटकेस देख दंग रह गई पुलिस

Story 1

60 की उम्र में सरकारी नौकरी का बुलावा! 20 साल बाद मिला जॉइनिंग लेटर, तो आंखों में भर आए आंसू

Story 1

सोनम वांगचुक का बड़ा ऐलान: कॉकरोच जनता पार्टी में होंगे शामिल, शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

Story 1

इटारसी स्टेशन पर खौफनाक हादसा: चलती ट्रेन में चढ़ते समय पटरियों के बीच समाए मां-बेटे

Story 1

ट्विशा शर्मा केस: कोर्ट से जेल तक पूर्व जज गिरिबाला सिंह का हाई-वोल्टेज ड्रामा, CBI की सख्ती के आगे झुकीं

Story 1

सतना का वायरल वीडियो: बिस्तर पर लेटे पति का गला घोंटती पत्नी, पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल

Story 1

ममता के धरने पर सियासी घमासान: कांग्रेस ने बताया संवैधानिक हक, भाजपा बोली- जनता के आक्रोश का आईना

Story 1

स्वामित्व योजना को मंजूरी: अब लाखों परिवारों को मिलेगा जमीन का मालिकाना हक, जानिए मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले

Story 1

जब शोमैन को मिला आखिरी सम्मान: राष्ट्रपति ने तोड़ा प्रोटोकॉल, ऑक्सीजन मास्क लगाकर पहुंचे थे राज कपूर