आज की भागदौड़ भरी दुनिया में जहां बड़ी सैलरी के लिए लोग किसी भी हद तक समझौता करने को तैयार रहते हैं, वहीं एक टेक प्रोफेशनल ने सभी को चौंका दिया है। इस शख्स ने 72 लाख रुपये सालाना के पैकेज वाली नौकरी को सिर्फ इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि कंपनी की शर्तें उसके लिए स्वीकार्य नहीं थीं।
यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना को लेकर एक यूजर ने पोस्ट शेयर किया, जिसमें बताया गया कि उसके दोस्त ने बिना किसी पछतावे के इतने बड़े ऑफर को ना कह दिया।
इस फैसले के पीछे तीन मुख्य कारण बताए गए हैं। पहला, कंपनी की 5 दिन अनिवार्य ऑफिस (WFO) की सख्त नीति। दूसरा, कंपनी में छुट्टियों की कोई स्पष्ट पॉलिसी का न होना। और तीसरा, दूसरी जगह शिफ्ट होने के लिए कंपनी की तरफ से किसी भी तरह की रिलोकेशन सपोर्ट का न मिलना।
उम्मीदवार का मानना था कि कॉन्ट्रैक्ट पूरी तरह से कंपनी के पक्ष में था और कर्मचारी के हितों की अनदेखी की गई थी। इसके अलावा, मौजूदा सैलरी के मुकाबले यह 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी थी, जो अतिरिक्त जिम्मेदारियों और सख्त नियमों के सामने बहुत कम लगी।
इस पोस्ट पर हजारों लोगों की प्रतिक्रियाएं आई हैं। अधिकांश लोगों ने शख्स के इस फैसले का समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि आज की पीढ़ी केवल पैसों के पीछे नहीं भाग रही है, बल्कि मानसिक शांति और निजी जिंदगी के लिए समय को भी उतनी ही अहमियत दे रही है।
कई अनुभवी पेशेवरों ने अपने अनुभव साझा किए, जहां उन्होंने स्वीकार किया कि भारी-भरकम पैकेज के बावजूद अत्यधिक काम के दबाव ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया और निजी जीवन पूरी तरह से छिन गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद से वर्क कल्चर को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आया है। अब कर्मचारी ऐसी नौकरी तलाश रहे हैं, जहां काम के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत जीवन का भी सम्मान हो।
यह वाकया एक कड़ा संदेश है कि अब वर्क-लाइफ बैलेंस एक विलासिता नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। बड़ी सैलरी के साथ आने वाला तनाव और दमनकारी नीतियां अब आधुनिक कर्मचारियों के लिए कोई आकर्षण नहीं रखतीं।
My friend just rejected a 72 LPA offer.
— Ragini Pandey (@pandeyragini24) May 31, 2026
Reasons:
• 5 days strict WFO
• No leave policy
• Zero relocation support
What shocked me the most? He had zero sense of loss.
It’s fascinating that people like these exist who are willing to let so much money go because of work life… pic.twitter.com/GtSOLEi4S3
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