पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भ्रष्टाचार के कई मामलों में TMC नेताओं की लगातार हो रही गिरफ्तारियों ने पार्टी के स्थानीय स्तर के पदाधिकारियों में खलबली मचा दी है। खुद को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए अब कई नेता उन पैसों को वापस कर रहे हैं, जो उन्होंने सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से कट मनी के तौर पर वसूले थे।
नामखाना में हुआ खुलासा दक्षिण 24 परगना के नामखाना इलाके में भ्रष्टाचार की कलई तब खुल गई जब एक TMC नेता को सार्वजनिक रूप से लोगों से माफी मांगनी पड़ी। इस नेता ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने का झांसा देकर 45 लोगों से पांच-पांच हजार रुपये वसूले थे। गिरफ्तारियों का डर इतना है कि अब वह चुपचाप नकद पैसे वापस करने को मजबूर हो गया है।
योजनाओं के नाम पर अवैध वसूली नामखाना के गांवों में हुई इस घटना ने साबित कर दिया है कि तृणमूल राज में सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए कमीशन देना एक अनिवार्य परंपरा बन गई थी। लाभार्थियों का कहना है कि नेता ने उन्हें पात्र आवेदकों की सूची में शामिल करने का वादा किया था, लेकिन पैसे लेने के बाद भी उन्हें कोई घर नहीं मिला।
सिर्फ आवास योजना ही नहीं, हर जगह भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार का यह जाल केवल आवास योजना तक सीमित नहीं है। राज्य में मनरेगा, किसान सम्मान निधि और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में भी कट मनी की शिकायतें आम हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायतों में बैठे TMC कार्यकर्ताओं ने गरीब परिवारों से सरकारी मदद पाने के नाम पर व्यवस्थित तरीके से अवैध वसूली की है।
कार्रवाई न होने से बढ़ा हौसला ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी ममता सरकार से कई बार इसकी शिकायतें की थीं। लेकिन चूंकि इसमें पार्टी के प्रभावशाली लोग शामिल थे, इसलिए कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे इन नेताओं का हौसला बढ़ता गया और भ्रष्टाचार जड़ें जमाता गया।
पार्टी के भीतर गहराया असंतोष नामखाना की घटना के बाद TMC में आंतरिक कलह भी तेज हो गई है। पार्टी के कई कार्यकर्ता इस बात से चिंतित हैं कि ऐसे कृत्यों से टीएमसी की छवि धूमिल हो रही है। वहीं, विपक्षी पार्टियां इसे पार्टी का सिस्टमेटिक करप्शन करार दे रही हैं। उनका दावा है कि अगर कट मनी के मामलों की बड़े पैमाने पर निष्पक्ष जांच हुई, तो बंगाल में कई और सनसनीखेज घोटाले सामने आ सकते हैं।
ঠেলার নাম বাবাজি!
— Piyali Mitra (@Plchakraborty) June 1, 2026
Amid a growing number of arrests of TMC leaders on corruption charges, some local party leaders now have started returning money allegedly collected as “cut money” from beneficiaries of various government schemes—possibly to avoid legal action and public… pic.twitter.com/hnBsnb3c4E
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