महाराष्ट्र के जालना जिले का अंतरवाली सराटी गांव एक बार फिर पिपली लाइव जैसी स्थिति का गवाह बन रहा है। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटिल ने एक बार फिर आमरण अनशन शुरू कर दिया है, जिससे राज्य सरकार की सांसें फूल गई हैं।
40 डिग्री तापमान में जल त्याग जालना में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच चुका है, लेकिन मनोज जरांगे पाटिल अपनी जिद पर अड़े हैं। डॉक्टरों की सलाह के बावजूद उन्होंने पानी या ORS लेने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सरकार मराठा समाज को ओबीसी कोटे से आरक्षण देने का ठोस और लिखित आदेश नहीं देती, वे एक बूंद पानी भी नहीं पिएंगे।
सड़कों पर उतरा आक्रोश जरांगे के अनशन के समर्थन में पूरे राज्य में मराठा आंदोलनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। बीड, जालना, छत्रपति संभाजीनगर, लातूर, पुणे और हिंगोली जैसे जिलों में हिंसक प्रदर्शन और चक्का जाम देखा गया। बीड में आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अर्धनग्न होकर अपना विरोध जताया, जिससे प्रमुख मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
ओबीसी समाज की सख्त चेतावनी मराठा आंदोलन के तेज होते ही ओबीसी संगठनों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के अध्यक्ष बबनराव तायवाडे ने चेतावनी दी है कि यदि ओबीसी कोटे से छेड़छाड़ हुई, तो राज्य का 60 प्रतिशत ओबीसी समाज सड़कों पर उतरकर जवाब देगा। वहीं, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी कानूनी पेच समझाते हुए जरांगे को अपना रुख नरम करने की सलाह दी है।
आधी रात सरकार की मैराथन बैठक मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने देर रात सक्रियता बढ़ाई। कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, भाजपा विधायक प्रसाद लाड और शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार व विलास भुमरे का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अंतरवाली सराटी पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल ने सीधे बातचीत से पहले स्थानीय विशेषज्ञों और मराठा समाज के प्रतिनिधियों के साथ गुप्त बैठक की। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आधी रात की इस कवायद से कोई समाधान निकल पाएगा या सुबह के साथ यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा। फिलहाल, यह मुद्दा महाराष्ट्र की सियासत को पूरी तरह से गरमा चुका है।
*इधर जरांगे अनशन पर अड़े, उधर हाइवे पर चक्का जाम...
— NDTV India (@ndtvindia) May 30, 2026
महाराष्ट्र के जालना जिले के अंतरवाली सराटी में एक बार फिर ‘पिपली लाइव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है. मराठा आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल आमरण अनशन पर बैठ गए हैं, जिससे राज्य सरकार की चिंता बढ़ गई है. सुबह से लेकर देर… pic.twitter.com/YjX06JUNhT
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