जैसलमेर: पोकरण-रामदेवरा मार्ग पर स्थित ओरण भूमि से सामने आए एक वीडियो ने पूरे राजस्थान में सनसनी फैला दी है। वीडियो में 250 से 300 गायों के शव खुले में पड़े दिखाई दिए, जिन्हें आवारा कुत्ते नोच रहे थे। यह दृश्य विचलित करने वाला था।
24 घंटे में गायब हुए शव जब इस मामले की हकीकत जानने के लिए टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था। वीडियो में दिखने वाले गायों के शव गायब थे और मैदान पूरी तरह साफ कर दिया गया था। हालांकि, वहां बिखरी हड्डियां और हवा में फैली भयानक दुर्गंध इस बात की गवाही दे रही थी कि यहां कुछ समय पहले तक स्थिति बेहद भयावह थी।
प्रशासन पर सबूत मिटाने का आरोप स्थानीय गौभक्तों और समाजसेवियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि वीडियो वायरल होने के बाद अपनी नाकामी छुपाने के लिए प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से रातों-रात उन शवों को मिट्टी में दफना दिया। गौभक्तों ने 10 जून तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
SDM का सफाई: यह कोई गौशाला नहीं, डंपिंग यार्ड है इन तमाम आरोपों को खारिज करते हुए पोकरण उपखंड अधिकारी (SDM) हीर सिंह चारण ने इसे भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा, यह जगह गौशाला नहीं, बल्कि एक निर्धारित डंपिंग यार्ड है, जहां आसपास के 10-15 किलोमीटर के दायरे से मृत पशुओं को लाया जाता है। हमने गौशालाओं की जांच की है, वहां व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। वीडियो को सनसनी फैलाने के लिए गलत तरीके से पेश किया गया है।
सियासी गलियारों में मचा हड़कंप इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने गौमाता के नाम पर वोट तो मांगे, लेकिन आज प्रदेश में गौवंश भूख, प्यास और सरकारी उपेक्षा का शिकार होकर दम तोड़ रहा है।
प्रशासन भले ही इसे रूटीन डंपिंग यार्ड बता रहा हो, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि अगर यह सामान्य प्रक्रिया थी, तो वीडियो सामने आने के बाद इतनी जल्दबाजी में सफाई क्यों की गई? क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या किसी बड़े राज को छिपाने की कोशिश? सच्चाई फिलहाल जांच का विषय बनी हुई है।
*गौमाता के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार के राज में आज राजस्थान में गौवंश की दुर्दशा अपने चरम पर पहुंच चुकी है। कहीं प्यास से व्याकुल गौमाताएं दलदल में फंसकर दम तोड़ रही हैं, तो कहीं उनके शव खुले डंपिंग यार्डों में सड़ रहे हैं। यह दृश्य केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि… pic.twitter.com/xuDTrJNnY0
— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) May 29, 2026
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