सीबीएसई (CBSE) का ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) इन दिनों गहरे विवादों में है। कॉपियों की चेकिंग में गड़बड़ी के आरोपों के बाद अब बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी का बयान आग में घी डालने का काम कर रहा है। चंडीगढ़ रीजनल हेड राजेश कुमार गुप्ता ने एक इंटरव्यू में हैकिंग के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जब परीक्षा ऑफलाइन पेन-पेपर मोड में हुई है, तो वेबसाइट हैक होने का सवाल ही नहीं उठता।
क्या हैं हैकिंग के दावे? विवाद की शुरुआत 19 वर्षीय छात्र निसर्ग अधिकारी के खुलासे से हुई। निसर्ग ने दावा किया कि उसने फरवरी 2026 में सीबीएसई के OSM पोर्टल में गंभीर सुरक्षा खामियां पकड़ी थीं। उसके अनुसार, पोर्टल में ऐसी तकनीकी कमियां थीं कि कोई भी व्यक्ति एग्जामिनर के तौर पर लॉगिन कर सकता था और कॉपियों के मूल्यांकन व नंबर बदलने तक की पहुंच हासिल कर सकता था। छात्र का दावा है कि उसने इसकी जानकारी CERT-In को देने के बाद ही सार्वजनिक की।
सीबीएसई की सफाई और एक्सपर्ट्स का तर्क मामला तूल पकड़ते ही सीबीएसई ने सफाई दी कि जिस पोर्टल की बात की जा रही है, वह मुख्य सिस्टम नहीं, बल्कि केवल टेस्टिंग के लिए बनाई गई एक डमी वेबसाइट थी। बोर्ड का दावा है कि असली डेटा पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, तकनीकी जानकारों का मानना है कि यदि टेस्टिंग पोर्टल में भी ऐसी खामियां थीं, तो यह मुख्य सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
रीजनल हेड का बयान बना मुसीबत चंडीगढ़ रीजनल हेड राजेश कुमार गुप्ता का बयान अब सोशल मीडिया पर मजाक और गुस्से का केंद्र बन गया है। उनका यह तर्क कि परीक्षा ऑफलाइन है, इसलिए वेबसाइट हैक नहीं हो सकती, तकनीकी विशेषज्ञों की नजर में बेतुका है। जानकारों का कहना है कि परीक्षा भले ही ऑफलाइन हो, लेकिन कॉपियों का मूल्यांकन और नंबरों की फीडिंग ऑनलाइन पोर्टल (OSM) पर ही होती है। ऐसे में वेबसाइट की सुरक्षा का परीक्षा के मोड से कोई सीधा संबंध नहीं है।
सोशल मीडिया पर भड़के लोग इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई यूजर्स ने इसे तकनीकी समझ की कमी करार दिया है। एक यूजर ने तंज कसा कि यह तो वैसा ही है जैसे कोई कहे कि बैंक की शाखा ऑफलाइन है, इसलिए उसका सर्वर हैक नहीं हो सकता। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों की ऐसी अज्ञानता छात्रों के भविष्य के लिए खतरनाक है।
आगे क्या? लगातार बढ़ते दबाव के बीच शिक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि प्रक्रिया में कुछ तकनीकी गड़बड़ियां हो सकती हैं। फिलहाल बोर्ड ने मार्क्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन यह विवाद अब इस बड़े सवाल पर जाकर टिक गया है कि क्या सीबीएसई ने बिना पर्याप्त तकनीकी तैयारी के ही इतना बड़ा बदलाव लागू कर दिया? फिलहाल, छात्र और अभिभावक अब भी सिस्टम की विश्वसनीयता पर भरोसा करने से कतरा रहे हैं।
Chandigarh: On CBSE s On-Screen Marking system, CBSE Regional Head, Rajesh Kumar Gupta says, Regarding your question about the website being hacked, I completely deny it. I am rejecting this allegation outright. Because exams are being conducted offline so there are no questions… pic.twitter.com/Yz6kL4iZLR
— IANS (@ians_india) May 27, 2026
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