केवल सिंह ढिल्लों बने पंजाब भाजपा अध्यक्ष: 2027 के महासंग्राम के लिए सिख कार्ड पर दांव
News Image

पंजाब की राजनीति में भाजपा ने बड़ा बदलाव करते हुए केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी का यह फैसला राज्य में अपनी जड़ें जमाने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

कौन हैं केवल सिंह ढिल्लों? बरनाला के तल्लेवाल गांव से आने वाले केवल सिंह ढिल्लों जाट सिख समुदाय के एक प्रभावशाली नेता हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेहद करीबी माने जाने वाले ढिल्लों लंबे समय तक कांग्रेस का हिस्सा रहे। उन्होंने 2007 और 2012 में बरनाला सीट से जीत दर्ज की थी। जून 2022 में वे भाजपा में शामिल हुए और पार्टी ने उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर काम करने का मौका दिया।

कांग्रेस से भाजपा तक का सफर 2022 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज ढिल्लों ने कांग्रेस छोड़ दी थी। पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासन के बाद उन्होंने कमल का दामन थामा। संगरूर लोकसभा उपचुनाव में भी उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के तौर पर पार्टी की नींव मजबूत करने का प्रयास किया था।

भाजपा का सिख चेहरा वाला मास्टर प्लान भाजपा लंबे समय से पंजाब में खुद को शहरी और हिंदू पार्टी की छवि से बाहर निकालना चाहती है। ढिल्लों की नियुक्ति के जरिए पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उसका लक्ष्य ग्रामीण पंजाब और विशेषकर मालवा क्षेत्र है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि ढिल्लों का जमीनी कद और अनुभव भगवा दल को सिखों के बीच पैठ बनाने में मदद करेगा।

शायरी नहीं, मेहनत पर भरोसा अध्यक्ष पद संभालने के बाद ढिल्लों ने अपने तेवर साफ कर दिए हैं। उन्होंने कहा, मुझे न चुटकुले सुनाने आते हैं, न शायरी और न ही कोई ड्रामा। मैं सिर्फ मेहनत जानता हूं। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से निराश पंजाब की जनता अब भाजपा को मौका देने के लिए तैयार है।

किसे मिली मात? इस दौड़ में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, मनप्रीत बादल और जगमोहन राजू जैसे बड़े नाम भी शामिल थे। हालांकि, संगठन चलाने के अनुभव और जमीनी पकड़ ने ढिल्लों को बाजी जिता दी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और आरएसएस के स्थानीय नेतृत्व की भी ढिल्लों के नाम पर सहमति थी।

2027 की तैयारी में जुटी भाजपा अगले विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन भाजपा ने अभी से मिशन 2027 के लिए मोर्चा खोल दिया है। ढिल्लों के सामने अब पार्टी के कैडर नेटवर्क को सक्रिय करने और नए सामाजिक समीकरण बनाने की चुनौती होगी। क्या ढिल्लों का यह सिख दांव पंजाब में भाजपा के लिए सत्ता का रास्ता खोलेगा? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

अमेरिका में भारतीय कपल से नस्लीय बदसलूकी: दफा हो जाओ कहने वाले शख्स पर फूटा इंटरनेट का गुस्सा

Story 1

सिद्धारमैया का बड़ा फैसला: राज्यसभा का ऑफर ठुकराया, कहा- आखिरी सांस तक कर्नाटक की सेवा करूंगा

Story 1

अमेरिका का ईरानी सैन्य अड्डे पर फिर हमला, ट्रंप बोले- अब आखिरी सांसें गिन रहा है ईरान

Story 1

शाम को आकर एक-एक चीज बताइए : नीतीश कुमार का विजय चौधरी को हुक्म , सियासी गलियारों में मची हलचल

Story 1

बारिश ने बढ़ाई धड़कनें: रद्द हुआ क्वालीफायर 2 तो फाइनल में कौन मारेगा बाजी?

Story 1

15 साल के वैभव सूर्यवंशी का तूफान: IPL एलिमिनेटर में जड़े 97 रन, तोड़े 10 ऐतिहासिक रिकॉर्ड

Story 1

सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने मचाया कोहराम, सहवाग बोले- अभी इंडियन टीम में डाल दो

Story 1

ट्रेन में समोसे पर पैर रखकर बैठा वेंडर: स्वच्छता पर उठे गंभीर सवाल, वीडियो वायरल

Story 1

वैभव सूर्यवंशी का बदला मिशन: क्वालीफायर-2 में मोहम्मद सिराज की खैर नहीं!

Story 1

बेंगलुरु में 40 लाख की सैलरी भी कम? 1.1 लाख के किराए ने खोले IT हब के कड़वे सच