सिद्धारमैया का बड़ा फैसला: राज्यसभा का ऑफर ठुकराया, कहा- आखिरी सांस तक कर्नाटक की सेवा करूंगा
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बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया है कि वे राष्ट्रीय राजनीति में नहीं जाएंगे। उन्होंने पार्टी आलाकमान द्वारा दिए गए राज्यसभा के प्रस्ताव को विनम्रता पूर्वक अस्वीकार कर दिया है।

सिद्धारमैया ने कहा, मैंने आलाकमान को स्पष्ट बता दिया है कि मेरी राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। एक विधायक के रूप में मेरा कार्यकाल अभी दो साल बाकी है, और मैं अपनी आखिरी सांस तक कर्नाटक की राजनीति में रहकर राज्य के लोगों की सेवा करूंगा।

राजनीतिक द्वेष का शिकार बना मेरा परिवार

सिद्धारमैया ने अपने संबोधन में पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि वे और उनका परिवार लंबे समय से राजनीतिक द्वेष का शिकार रहे हैं। उन्होंने अपनी पत्नी का जिक्र करते हुए कहा, मेरे राजनीतिक विरोधियों ने मेरी पत्नी पर भी झूठे आरोप लगाए, जो राजनीति से हमेशा दूर रहीं और जिन्होंने अपना जीवन सिर्फ बच्चों की परवरिश के लिए समर्पित किया। उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसी घटनाओं से आहत होकर उन्होंने एक समय राजनीति से संन्यास लेने का मन बना लिया था, लेकिन अंतरात्मा की आवाज ने उन्हें मैदान छोड़ने से मना किया। उन्होंने कहा कि वे अन्याय के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी

सिद्धारमैया ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि वे संविधान के खिलाफ काम करने वाली ताकतों के खिलाफ अंतिम सांस तक लड़ेंगे। उन्होंने कहा, मैं न कभी पैसे के पीछे भागा और न ही मुझे संपत्ति बनाने की कोई लालसा रही। मेरा राजनीतिक जीवन एक खुली किताब की तरह है।

राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने अपना पत्र राज्यपाल थावरचंद गहलोत के विशेष सचिव को सौंप दिया है। उन्होंने कहा, मैंने पहले ही कहा था कि आलाकमान का जो भी निर्देश होगा, मैं उसका पालन करूंगा। पार्टी के निर्देशानुसार मैंने दो दिन पहले ही तैयारी कर ली थी और आज इस्तीफा दे दिया।

उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें दो बार कर्नाटक के लोगों की सेवा करने का जो सौभाग्य मिला, वह उनके लिए गर्व की बात है।

सत्ता का हस्तांतरण: डीके शिवकुमार होंगे नए मुख्यमंत्री

इस्तीफा देने से पहले सिद्धारमैया ने अपने सरकारी आवास पर कैबिनेट सहयोगियों और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ नाश्ता किया। इस दौरान उन्होंने अपने फैसले की जानकारी दी और यह भी स्पष्ट किया कि आलाकमान के निर्देशानुसार अब डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

इस भावुक पल में सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार को गले लगाया, जिसके बाद शिवकुमार ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही कर्नाटक में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो गई है।

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