ईरान: एक अनाथ बच्चे की तस्वीर ने मचाया बवाल, सरकारी मीडिया के संपादक तलब
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ईरान में एक अनाथ बच्चे की देखभाल करती महिला की तस्वीरों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इन तस्वीरों में महिला बिना हिजाब के नजर आई, जिसके बाद ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के प्रबंध निदेशक को संस्कृति और मीडिया अभियोजक कार्यालय में तलब किया गया है।

क्या है पूरा मामला? विवाद का केंद्र 37 वर्षीय लेखिका और कलाकार सारा कनानी हैं। उन्होंने सरकार की फोस्टर केयर योजना के तहत 40 दिनों तक एक अनाथ बच्चे की देखभाल की थी। इस दौरान ली गई तस्वीरों को सरकारी समाचार एजेंसी ने 40 दिनों का मातृत्व प्रेम शीर्षक से प्रकाशित किया था।

विवाद की मुख्य वजह ईरान में हिजाब को लेकर कड़े कानून हैं। तस्वीरों में कनानी बिना हिजाब के दिखाई दीं। कट्टरपंथी वेबसाइटों ने इसे सामाजिक मानदंडों को तोड़ने वाली और इस्लामी कानूनों के खिलाफ हरकत बताया। विवाद बढ़ता देख एजेंसियों को ये तस्वीरें अपने पोर्टल से हटानी पड़ीं।

दोहरे मापदंडों पर छिड़ी बहस इस घटना ने ईरान में हिजाब नियमों के लागू होने को लेकर दोहरे मानदंडों पर बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकारी कार्यक्रमों में समर्थक महिलाएं बिना सिर ढके दिखती हैं, तब कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती। आलोचकों का कहना है कि यह मामला दिखाता है कि सरकारी मीडिया में भी ड्रेस कोड के प्रति तानाशाही का रवैया बरकरार है।

बचाव में क्या बोले फोटोग्राफर? तस्वीरें खींचने वाली फोटोग्राफर मरज़िये मौसवी ने अपने प्रोजेक्ट का बचाव करते हुए कहा कि तस्वीरों का उद्देश्य मात्र देखभाल और मातृत्व को दिखाना था, न कि किसी की वेशभूषा को। उन्होंने अफसोस जताया कि विवाद के चक्कर में फोस्टर योजना का नेक मकसद कहीं पीछे छूट गया।

अतीत का असर कनानी को भी निशाना बनाया गया है। उन पर विरोधी-क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल होने और वुमन, लाइफ, फ्रीडम आंदोलन से जुड़े पोस्ट करने के आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें उन्होंने खारिज किया है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि चूंकि वह अविवाहित हैं, इसलिए गोद लेने के नियमों में उन्हें प्राथमिकता नहीं दी जा सकती थी।

यह घटना ईरान में सामाजिक जीवन और सरकारी प्रतिबंधों के बीच के गहरे तनाव को उजागर करती है। वहीं, दूसरी ओर काशान शहर में हिजाब नियमों के उल्लंघन के आरोप में एक कैफे-रेस्तरां को बंद करने की खबर ने भी स्पष्ट कर दिया है कि ईरान में ड्रेस कोड पर सख्ती कम नहीं हुई है।

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