भोपाल के पॉश इलाके में हुई मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत का मामला हर दिन एक नया मोड़ ले रहा है। 12 मई को ससुराल में ट्विशा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। हालांकि पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, लेकिन परिवार के गंभीर आरोपों और जांच में सामने आ रही खामियों ने पूरे केस को एक हाई-प्रोफाइल साजिश का रूप दे दिया है। ट्विशा का शव अभी भी एम्स (AIIMS) के मुर्दाघर में इंसाफ का इंतजार कर रहा है।
इस मामले में 7 ऐसे जटिल सवाल हैं, जिन्होंने जांच की विश्वसनीयता पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है:
1. वो 60 मिनट का रहस्य सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, ट्विशा शाम 7:20 बजे सीढ़ियों से ऊपर गई थीं और एक घंटे बाद उनका शव नीचे लाया गया। इन 60 मिनटों के दौरान उस बंद कमरे में क्या हुआ? घर में मौजूद अन्य सदस्यों ने उस दौरान कोई आवाज क्यों नहीं सुनी और मदद में इतनी देरी क्यों हुई?
2. अस्पताल ले जाने में देरी या सबूत मिटाने की कोशिश? ट्विशा के परिजनों का आरोप है कि उन्हें अस्पताल ले जाने में जानबूझकर देरी की गई। ससुराल पक्ष का कहना है कि उन्होंने सीपीआर दिया, लेकिन सवाल यह है कि गंभीर स्थिति में एम्बुलेंस बुलाने के बजाय घर पर ही वक्त क्यों बर्बाद किया गया? क्या इस दौरान सबूतों को ठिकाने लगाने की योजना बनाई जा रही थी?
3. अंतिम संदेशों में छिपा डर ट्विशा ने अपनी मां को भेजे आखिरी व्हाट्सएप संदेशों में ससुराल में हो रही मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया था। आखिर वो कौन सा दबाव था, जो उन्हें इस हद तक ले गया? ये चैट यह साबित करने के लिए काफी हैं कि ट्विशा सामान्य स्थिति में नहीं थीं।
4. फॉरेंसिक सबूतों के साथ छेड़छाड़? जांच में सबसे बड़ी लापरवाही वह नायलॉन की रस्सी है, जिससे शव लटका मिला था। पुलिस इसे सही समय पर मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण गले के निशानों (Ligature Marks) और रस्सी की वैज्ञानिक तुलना नहीं हो पाई। यह लापरवाही है या मिलीभगत?
5. रसूख का साया और पोस्टमार्टम सस्पेंस ट्विशा की सास एक रिटायर्ड जज हैं और पति नामी वकील। परिवार का आरोप है कि इसी रसूख के कारण जांच प्रभावित हो रही है। अदालत द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम की मांग ठुकराए जाने के बाद अब मेडिकल रिपोर्ट की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
6. आत्महत्या या सुनियोजित हत्या? ससुराल पक्ष ने ट्विशा पर ड्रग्स का आदी होने का आरोप लगाया था, लेकिन विसरा रिपोर्ट में किसी भी नशे की पुष्टि नहीं हुई। इस झूठ के बेनकाब होने के बाद यह सवाल और गहरा गया है कि क्या ट्विशा वास्तव में आत्महत्या कर सकती थीं, या उन्हें मौत के जाल में फंसाया गया?
7. 46 रहस्यमयी कॉल का सच ट्विशा की मौत के तुरंत बाद उनकी सास ने चंद घंटों में 46 फोन कॉल्स किए थे। परिजनों ने इन नंबरों की लिस्ट साझा की है। सवाल यह है कि पुलिस को सूचना देने से पहले गिरिबाला सिंह किन प्रभावशाली लोगों से संपर्क साध रही थीं? इन कॉल्स का सीडीआर (CDR) ही इस साजिश का असली राज खोल सकता है।
फिलहाल, ट्विशा का परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है और मामला हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है। क्या ये 7 सवाल ट्विशा को न्याय दिला पाएंगे, यह आने वाला वक्त तय करेगा।
*#WATCH | Bhopal, Madhya Pradesh | Twisha Sharma death case | Victim s father, Navnidhi Sharma, says, We are going to the High Court for the cancellation for anticipatory bail of her mother in law... It is clrearly visible that what kind of women she was and how she was torturing… pic.twitter.com/sHmK2mDQiF
— ANI (@ANI) May 21, 2026
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