छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पंडारिया में गुरुवार को एक बड़ी घर वापसी देखने को मिली। यहां आदिवासी समुदाय के करीब 200 लोगों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल हिंदू धर्म में वापसी की। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका स्वागत किया गया।
भाजपा विधायक ने धोए पैर कार्यक्रम में मौजूद भाजपा विधायक भावना बोहरा ने पूरी श्रद्धा के साथ इन लोगों का स्वागत किया। उन्होंने घर वापसी करने वाले लोगों के पैर धोकर उन्हें सम्मान दिया। विधायक ने इसे अपनी जड़ों की ओर लौटने का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू हुआ अभियान विधायक भावना बोहरा ने बताया कि यह कोई अचानक लिया गया निर्णय नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा, हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के बाद से घर वापसी का अभियान शुरू किया था। आज तक करीब 700 से 750 लोग अपने मूल धर्म में लौट चुके हैं।
पास्टर ने भी छोड़ी ईसाई आस्था इस घर वापसी की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इसमें शामिल होने वालों में एक चर्च का पास्टर भी शामिल था। पास्टर समेत इन 200 लोगों ने स्वेच्छा से अपनी मूल संस्कृति और परंपरा को अपनाने का फैसला किया। इससे पहले भी क्षेत्र के विभिन्न गांवों से सैकड़ों आदिवासी अपनी मूल आस्था में लौट चुके हैं।
लालच देकर कराया गया था धर्मांतरण विधायक बोहरा ने आरोप लगाया कि गरीब और अशिक्षित आदिवासियों को वर्षों से प्रलोभन देकर भ्रमित किया गया था। उन्होंने कहा, गरीबों को लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया था। अब समाज अपनी संस्कृति और मूल आस्था के महत्व को समझ रहा है और वापस अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है।
धर्मांतरण पर सख्त रुख प्रदेश में धर्मांतरण के मामलों पर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। हाल ही में मध्य प्रदेश के गुना में प्रार्थना से इलाज के नाम पर धर्मांतरण कराने के आरोप में पादरियों पर केस दर्ज किया गया है। इन मामलों में अक्सर यह पाया गया है कि बीमारियों को ठीक करने का झांसा देकर भोले-भाले लोगों को धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जाता है।
*#WATCH | Chhattisgarh: 200 members, including a pastor, of the tribal community returned to their original faith today in Pandariya, Kawardha
— ANI (@ANI) May 21, 2026
With traditional customs and religious rituals, BJP MLA Bhawna Bohra welcomed and honoured the people of the tribal community and washed… pic.twitter.com/XWTFZzYQib
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