कांगो में इबोला का बुंडीबुग्यो वेरिएंट बेकाबू, 131 लोगों की मौत; WHO ने घोषित की इमरजेंसी
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अफ्रीकी देश कांगो में इबोला वायरस ने फिर से विकराल रूप ले लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी कांगो में इस वायरस के प्रकोप से अब तक 131 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 500 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल रोजर कंबा ने बताया कि मौतों की वास्तविक संख्या सुनिश्चित करने के लिए जांच जारी है।

खतरनाक है बुंडीबुग्यो वेरिएंट मौजूदा प्रकोप इबोला के बेहद दुर्लभ बुंडीबुग्यो वेरिएंट के कारण फैल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता का मुख्य कारण यह है कि इस वेरिएंट के लिए अब तक कोई स्वीकृत टीका या उपचार उपलब्ध नहीं है। कांगो और युगांडा में इबोला के कई प्रकोप देखे गए हैं, लेकिन यह तीसरी बार है जब यह विशिष्ट वेरिएंट इतनी बड़ी तबाही मचा रहा है।

प्रभावित क्षेत्र और वैश्विक चिंता संक्रमण बुनिया, गोमा, मोंगबवालु, बुटेम्बो और न्याकुंडे जैसे प्रमुख इलाकों में तेजी से फैल रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने महामारी के तेजी से बढ़ते प्रसार पर गहरी चिंता जताई है।

इबोला: लक्षण और फैलाव इबोला एक अत्यंत संक्रामक और जानलेवा बीमारी है। यह संक्रमित व्यक्ति या जानवर के खून, शरीर के तरल पदार्थ या ऊतकों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। अचानक तेज बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द और गले में खराश इसके शुरुआती लक्षण हैं। गंभीर स्थिति में मरीज को उल्टी, दस्त और अंगों की विफलता का सामना करना पड़ता है।

भारत ने बढ़ाई सतर्कता अफ्रीका में बढ़ते खतरों को देखते हुए भारत की स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) पूरे घटनाक्रम की बारीकी से निगरानी कर रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है।

विशेषज्ञों ने आम जनता को घबराने की सलाह नहीं दी है। टाटा इंस्टीट्यूट फॉर जेनेटिक्स एंड सोसाइटी के निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यह कोविड-19 जैसी महामारी नहीं है। वहीं, एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की हवाई अड्डों पर निगरानी और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रणालियां अब पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं, जिससे स्थिति को नियंत्रित करना आसान होगा।

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