प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी विदेश यात्रा के क्रम में नॉर्वे पहुंच चुके हैं। यूएई, नीदरलैंड और स्वीडन के बाद अब नॉर्वे में उनका जोरदार स्वागत हुआ है। भू-राजनीतिक उथल-पुथल और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच पीएम मोदी का यह दौरा भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि आखिर नॉर्वे कैसे दुनिया में गैस का सबसे बड़ा गढ़ बनकर उभरा है।
नॉर्वे आज दुनिया के शीर्ष प्राकृतिक गैस निर्यातकों में शामिल है। इसका नाम अक्सर अमेरिका, रूस और कतर जैसे दिग्गजों के साथ लिया जाता है। 1960 और 70 के दशक में जब नॉर्थ सी और नॉर्वेजियन सी में तेल और गैस के विशाल भंडार मिले, तो नॉर्वे ने समुद्र के गहरे पानी में काम करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक विकसित की। इसी दूरदर्शिता ने उसे आज की वैश्विक ऊर्जा महाशक्ति बनाया है।
नॉर्वे की सफलता के पीछे उसका संसाधन प्रबंधन है। नॉर्वे सरकार ने स्पष्ट नियम बनाए कि प्राकृतिक संसाधन देश की संपत्ति हैं। उन्होंने अपनी राष्ट्रीय ऊर्जा कंपनी (इक्विनोर) को मजबूत किया और विदेशी कंपनियों के साथ ऐसी साझेदारी की, जिससे देश का राजस्व भी बढ़ा और तकनीकी विशेषज्ञता भी मिली।
गैस उत्पादन से कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसे ग्राहक तक पहुँचाना है। नॉर्वे ने समुद्र के नीचे पाइपलाइन का एक विशाल नेटवर्क बिछाया, जिसने उसे यूरोप के प्रमुख बाजारों से सीधे जोड़ दिया। पाइपलाइन के जरिए गैस की निरंतर आपूर्ति ने नॉर्वे को कतर और रूस जैसे देशों के बीच एक अलग और भरोसेमंद पहचान दिलाई।
ऊर्जा से हुई कमाई को नॉर्वे ने फिजूलखर्ची में नहीं उड़ाया। उन्होंने सरकारी निवेश फंड के जरिए एक ऐसी बचत संस्कृति विकसित की, जिससे वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों को भी लाभ मिल सके। सुरक्षा और पर्यावरण मानकों पर कठोरता ने नॉर्वे को एक जिम्मेदार आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित किया है।
भारत जैसे तेजी से बढ़ते ऊर्जा आयातक देश के लिए नॉर्वे का अनुभव बेहद कीमती है। यह दौरा ऊर्जा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि समुद्री इंजीनियरिंग, स्वच्छ ऊर्जा (क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन) और अत्याधुनिक तकनीक के आदान-प्रदान के नए रास्ते खोल सकता है।
आज नॉर्वे की गैस यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम और डेनमार्क समेत यूरोप के एक बड़े हिस्से को ऊर्जा प्रदान कर रही है। स्पष्ट नीति, मजबूत बुनियादी ढांचा और विश्वसनीयता के दम पर नॉर्वे ने यह साबित कर दिया है कि कैसे सीमित संसाधनों के सही इस्तेमाल से दुनिया के नक्शे पर एक नई आर्थिक महाशक्ति खड़ी की जा सकती है।
VIDEO | Prime Minister Narendra Modi (@narendramodi) arrives in Norway.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 18, 2026
The Prime Minister will attend the third India-Nordic summit and hold bilateral talks with the country s top leadership. The India-Nordic summit will take place in Oslo on Tuesday. It will be joined by PM… pic.twitter.com/ocIducQD1f
क्या आज चेपॉक में थम जाएगा थाला का कारवां? धोनी के संन्यास की अटकलें तेज
प्यार से मानेंगे तो ठीक, वरना दूसरा तरीका तय है : सड़क पर नमाज को लेकर सीएम योगी की दो-टूक
बंगाल में गुंडागर्दी पर लगाम: शुभेंदु अधिकारी का सख्त संदेश, बोले- पत्थरबाजी बर्दाश्त नहीं
जब सड़कों पर ऑटो के पीछे पोस्टर चिपकाते थे आमिर खान, वायरल वीडियो ने याद दिलाया संघर्ष का वो दौर
NEET पेपर लीक का असर: RCC क्लासेस के बोर्ड पर पोती कालिख, निदेशक की गिरफ्तारी के बाद AIMIM का उग्र प्रदर्शन
ट्वीशा शर्मा मौत मामला: जज होना क्या गुनाह है? सास रिटायर्ड जज ने बयां किया दर्द, लगाए गंभीर आरोप
ट्रंप का ‘लाल तीर’ और ईरान का महा-संकट: क्या मिडिल ईस्ट में शुरू होने वाला है बड़ा सैन्य अभियान?
ट्विशा शर्मा केस: सास गिरिबाला सिंह का छलका दर्द, दहेज के आरोपों पर दिए सबूत और बड़ा बयान
कर्नाटक: दुबारे हाथी कैंप में खौफनाक हादसा, हाथियों की लड़ाई की चपेट में आई महिला पर्यटक की मौत
43 साल बाद नॉर्वे, 56 साल बाद गुयाना: पीएम मोदी की कूटनीतिक यात्राओं से वैश्विक मंच पर बढ़ी भारत की धमक