धार: मध्य प्रदेश की धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट के फैसले के बाद देश में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इस बीच, प्रख्यात कवि कुमार विश्वास ने इस मामले पर अपनी राय रखते हुए असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा प्रहार किया है।
अपना कुलवंश और इतिहास पढ़ें ओवैसी कुमार विश्वास ने ओवैसी को नसीहत देते हुए कहा कि वे एक पढ़े-लिखे व्यक्ति और बैरिस्टर हैं, लेकिन उनकी भाषा से ऐसा नहीं लगता। उन्होंने कहा, मैं ओवैसी से आग्रह करता हूं कि वे भारतीय सांस्कृतिक इतिहास के साथ-साथ अपने कुलवंश का इतिहास भी पढ़ें। महज दो-तीन पीढ़ी पहले मतांतरण कर लेने के कारण इतनी घृणा फैलाना उचित नहीं है।
डीएनए एक ही है विश्वास ने आगे कहा कि कुछ सौ साल पहले किसी कारणवश जिन्होंने मत बदला, उनका डीएनए आज भी भारतीय ही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि ओवैसी अपना इतिहास खंगालेंगे, तो उन्हें बोध होगा कि वे उसी परंपरा का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, वे भी भगवती के सामने वैसे ही नतमस्तक होंगे जैसे उनके पूर्वज हुआ करते थे।
भोजशाला के फैसले पर खुशी भोजशाला को लेकर आए अदालती फैसले पर कुमार विश्वास ने हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य का विषय है कि उन्हें कई बार उस पवित्र स्थल पर जाने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, मन में हमेशा एक टीस रहती थी कि मां वाग्देवी वहां अपने पूर्ण वैभव के साथ विराजमान हों। आज न्याय संहिता के अनुसार निर्णय आया है, जो सुखद है।
काशी-मथुरा और राम मंदिर का जिक्र अपने संबोधन में कुमार विश्वास ने राम जन्मभूमि संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि यह एक लंबी परंपरा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह राम मंदिर का सुखद अंत हुआ, उसी तरह काशी और मथुरा के मामले में भी भारतीय अस्मिता के गौरव चिन्ह सुरक्षित हों। उन्होंने अल्पसंख्यक समाज से भी अपील की कि वे इस आनंद में सहभागी बनें, क्योंकि वे भी भारत का ही हिस्सा हैं।
पीएम मोदी की अपील का समर्थन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील पर भी कुमार विश्वास ने अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जब कोई आग्रह करते हैं, तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए। यह अपील देशहित और आर्थिक मजबूती से जुड़ी है, इसलिए इसका समर्थन किया जाना चाहिए।
क्या है भोजशाला मामला? इंदौर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने हाल ही में धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने भोजशाला को मंदिर का स्वरूप मानते हुए वहां पूजा-अर्चना की अनुमति दी है। साथ ही, अब इस परिसर में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई है। यह मामला दशकों से विवादों और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच फंसा हुआ था।
*#WATCH | Mathura, UP: On the Bhojshala case, Poet Kumar Vishwas says, It is a matter of great fortune. It has been my personal privilege to visit Dhar on several occasions—to offer my obeisance at that sacred site. Today, my heart is filled with immense joy...
— ANI (@ANI) May 16, 2026
On PM Modi s… pic.twitter.com/49dvtzvHHU
भोजशाला पर ऐतिहासिक फैसला: कई पीढ़ियों की तपस्या हुई सफल , भावुक हुए आंदोलनकारी
नीदरलैंड में गूंजी ढोल-ताशा की थाप: पीएम मोदी के स्वागत में दिखा मराठा शौर्य
35 बॉल, 10 छक्के और खौफ का दूसरा नाम: फिन एलन की आंधी में उड़ी गुजरात टाइटंस
NEET पेपर लीक के बाद NTA में बड़ा फेरबदल: सरकार ने नए अफसरों को सौंपी कमान
बीजिंग एयरपोर्ट पर फेंके गए चीनी गिफ्ट्स: एयरफोर्स वन में नहीं मिली एंट्री, चीन को मिला कड़ा संदेश
ट्रंप की टीम ने चीन छोड़ते ही डस्टबिन में फेंके फोन और गिफ्ट्स: आखिर बीजिंग से इतना डर क्यों?
धार भोजशाला मामला: कुमार विश्वास की ओवैसी को दो-टूक, अपना कुलवंश और इतिहास पढ़ें
बस स्टैंड पर प्रेमी संग रोमांस कर रही थी बेटी, तभी सामने आ गए पिता; देखें फिर क्या हुआ
हरिद्वार में नम आंखों से प्रतीक यादव को आखिरी विदाई, बेटी का आई लव यू पापा लिखा कार्ड देख पिघला हर दिल
मैं पक्का सनातनी हूं : दिग्विजय सिंह और उषा ठाकुर के बीच गरमाई बहस, वीडियो वायरल