प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी विदेश यात्रा के तहत नीदरलैंड पहुंचे हैं। इस महत्वपूर्ण दौरे के बीच, नीदरलैंड की एक प्रसिद्ध पहचान— नारंगी गाजर —की चर्चा जोरों पर है। क्या आप जानते हैं कि आज दुनिया भर में बिकने वाली यह सामान्य सी दिखने वाली नारंगी गाजर असल में नीदरलैंड के शाही परिवार के प्रति सम्मान का प्रतीक है?
शाही घराने से जुड़ा रंग नीदरलैंड का शाही घराना हाउस ऑफ ऑरेंज (House of Orange) के नाम से जाना जाता है। डच इतिहास में विलियम ऑफ ऑरेंज एक नायक थे, जिन्होंने स्पेनिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया। तब से, नारंगी रंग केवल एक रंग नहीं, बल्कि डच एकता, गर्व और राजशाही के सम्मान का प्रतीक बन गया।
किसानों की वैज्ञानिक सोच सदियों से नीदरलैंड के बागवानी विशेषज्ञों और किसानों ने गाजर की नई किस्मों पर काम किया। शाही परिवार को सम्मान देने के लिए उन्होंने नारंगी रंग की गाजर को विकसित और प्रोत्साहित किया। यह केवल दिखावा नहीं था, बल्कि इसके पीछे व्यावहारिक कारण भी थे। नारंगी गाजर अन्य रंगों की तुलना में अधिक चमकदार, स्वाद में बेहतर, पोषण से भरपूर (बीटा-कैरोटीन) और दिखने में आकर्षक थी।
राष्ट्रीय पहचान बनी सब्जी धीरे-धीरे यह गाजर नीदरलैंड की राष्ट्रीय पहचान बन गई। आज वहां के खेल आयोजनों से लेकर राष्ट्रीय उत्सवों तक, नारंगी रंग हावी रहता है। यह सब्जी खेत से निकलकर सीधे डच संस्कृति का हिस्सा बन गई। जब डच व्यापारी दुनिया भर में व्यापार करने निकले, तो वे अपने साथ कृषि की ये उन्नत किस्में भी ले गए। इस तरह, शाही सम्मान से शुरू हुई यह यात्रा वैश्विक बन गई।
बाजार और पोषण में अव्वल नारंगी गाजर की सफलता का एक बड़ा कारण इसकी बहुउपयोगिता है। इसे सलाद, जूस, सूप या पकाने के लिए इस्तेमाल करना आसान है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे विटामिन ए का प्रमुख स्रोत माना, जिससे इसकी मांग और भी बढ़ गई। अपनी बेहतर पैदावार और भंडारण क्षमता के कारण, यह दुनिया के अधिकांश बाजारों में सबसे पसंदीदा गाजर बन गई।
क्या है इसका संदेश? आज भारत सहित पूरी दुनिया में इस गाजर की लोकप्रियता यह बताती है कि कैसे एक सामान्य सी कृषि उपज किसी देश के गौरव और इतिहास को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचा सकती है। नीदरलैंड केवल अपनी नहरों और पवन चक्कियों के लिए ही नहीं, बल्कि इस नारंगी विरासत के लिए भी दुनिया भर में अपनी धाक जमाए हुए है।
पीएम मोदी की यह यात्रा नीदरलैंड के साथ व्यापारिक और राजनयिक संबंधों को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ इन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक सूत्रों को भी मजबूत करने का एक अवसर है।
Geland in Amsterdam. Dit bezoek aan Nederland vindt plaats op een moment dat de vrijhandelsovereenkomst tussen India en de EU een belangrijke impuls heeft gegeven aan de handels- en investeringsbetrekkingen. Het biedt de kans om de banden te versterken op gebieden als… pic.twitter.com/zXk3HZHVVN
— Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026
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