भारत के सबसे बड़े परोपकारी संस्थानों में से एक टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) के भीतर जारी खींचतान एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के अचानक आए एक निर्देश के बाद 16 मई को होने वाली बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की सभी महत्वपूर्ण बैठकों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
बिना सुनवाई के आया आदेश टाटा ट्रस्ट्स ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। ट्रस्ट के अनुसार, उन्हें मुंबई के चैरिटी कमिश्नर कार्यालय से एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें 16 मई, 2026 को निर्धारित बैठक को टालने का निर्देश दिया गया था। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश पूरी तरह से एकतरफा है और इसे बिना किसी पूर्व सूचना या सुनवाई के जारी किया गया है।
किन मुद्दों पर है विवाद? आदेश में मुख्य रूप से सर रतन टाटा ट्रस्ट से जुड़े मामलों का उल्लेख है। इसमें 18 अप्रैल को कात्यायनी अग्रवाल द्वारा दायर की गई एक शिकायत, ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन का 28 अप्रैल का अभ्यावेदन और बॉम्बे हाई कोर्ट का 13 मई का आदेश शामिल है। यह पूरा विवाद ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की वर्तमान संरचना और नियमों से जुड़ा है।
नियमों की व्याख्या पर मतभेद टाटा ट्रस्ट्स ने अपने बचाव में कहा कि बोर्ड की संरचना से जुड़े संशोधित नियम भविष्य के लिए प्रभावी हैं और 1 सितंबर 2025 से पहले की नियुक्तियों पर इनका कोई असर नहीं पड़ता। ट्रस्ट का दावा है कि उनके पास इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों की स्पष्ट राय मौजूद है। हालांकि, चैरिटी कमिश्नर का यह हस्तक्षेप ट्रस्ट की आंतरिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
अचानक बढ़ी ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन की भूमिका इस पूरे प्रकरण में ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन का नाम भी चर्चा में है। ट्रस्ट का कहना है कि उन्हें श्रीनिवासन की किसी अलग शिकायत की जानकारी पहले नहीं थी, इसकी जानकारी उन्हें चैरिटी कमिश्नर के पत्र से ही मिली। गौरतलब है कि श्रीनिवासन ने इससे पहले 8 मई और 16 मई की बैठकों के नोटिस को स्वीकार भी किया था।
आगे क्या होगा? फिलहाल, टाटा ट्रस्ट्स ने प्राप्त निर्देशों की गहन जांच शुरू कर दी है। हालांकि 16 मई की बैठक टल गई है, लेकिन अभी तक नई तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट में इसी तरह की मांग वाली एक याचिका पहले ही वापस ली जा चुकी है, लेकिन चैरिटी कमिश्नर के इस हस्तक्षेप ने देश की इस प्रतिष्ठित संस्था की पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
Tata Trusts releases a statement - An email was received, forwarding a direction issued by the Charity Commissioner, Maharashtra State, Mumbai, to the Board of Trustees of Tata Trusts to defer the meeting of the Board of Trustees scheduled for 16 May, 2026.
— ANI (@ANI) May 16, 2026
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