ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0: ईरान को घुटनों पर लाने के लिए ट्रंप के 3 खतरनाक प्लान, मिडिल ईस्ट में मंडराया महायुद्ध का साया
News Image

क्या दुनिया एक और विनाशकारी महायुद्ध के महाने पर खड़ी है? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के बाद वाशिंगटन से निकल रही खबरें दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों का एक आक्रामक ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है, जिसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0 का नाम दिया गया है।

ट्रंप का अल्टीमेटम: समझौता या पूर्ण विनाश चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट पर चर्चा के बाद ट्रंप का रुख और सख्त हो गया है। एयर फोर्स वन में वापसी के दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ईरान के साथ कोई भी समझौता उनकी शर्तों पर ही होगा। अमेरिका की मांग स्पष्ट है—ईरान के परमाणु कार्यक्रम का अंत और होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना शर्त खोलना। ट्रंप का संदेश साफ है: या तो समझौता करो, या पूरी तरह तबाह होने के लिए तैयार रहो।

पेंटागन की तैयारी: क्या लॉक्ड एंड लोडेड है सेना? खुफिया सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल की सेनाएं अगले सप्ताह से सैन्य अभियानों की शुरुआत करने की तैयारी में हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी संकेत दिए हैं कि पेंटागन के पास स्थिति को और आगे बढ़ाने की पूरी योजना तैयार है और अब केवल अंतिम आदेश का इंतजार है।

ट्रंप की टेबल पर 3 विकल्प: कौन सा होगा सबसे विनाशकारी? जानकारों के अनुसार, ट्रंप के पास ईरान को सबक सिखाने के तीन प्रमुख रास्ते हैं:

  1. व्यापक हवाई हमला: ईरान के सैन्य अड्डों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर जोरदार बमबारी। हालांकि, नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध अपराध के दायरे में आ सकता है।
  2. जमीनी घुसपैठ (सबसे खतरनाक): जमीन के अंदर छिपी ईरानी परमाणु सामग्री को नष्ट करने के लिए स्पेशल फोर्स को तैनात करना। यह मिशन बेहद जोखिम भरा है और इसमें हजारों सैनिकों की जान का खतरा है।
  3. खर्ग द्वीप पर कब्जा: ईरान के तेल निर्यात की रीढ़ माने जाने वाले खर्ग द्वीप पर नियंत्रण करना। इसके लिए भारी सैन्य संसाधनों और लंबे समय तक सैन्य उपस्थिति की आवश्यकता होगी।

ईरान की खुली चुनौती: हम तबाही के लिए तैयार ईरान ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबफ़ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि ईरान किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि ईरान ने होर्मुज के पास अपने मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से सक्रिय कर लिया है, जो किसी भी कमर्शियल जहाज को पल भर में नष्ट करने में सक्षम हैं।

चुनावी दबाव और भविष्य की अनिश्चितता ट्रंप के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर नवंबर में होने वाले मिड-टर्म चुनाव हैं, जहां युद्ध की आर्थिक मार से त्रस्त अमेरिकी जनता का दबाव है। वहीं, वैश्विक सहयोगी देश भी उन पर कूटनीतिक समाधान खोजने का दबाव बना रहे हैं। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें वाशिंगटन के अगले कदम पर हैं कि क्या ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0 का बटन दबेगा या कूटनीति के जरिए यह तनाव शांत होगा।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

सुपरस्टार कल्चर पर राहुल द्रविड़ का बड़ा बयान: क्या हीरो होना वास्तव में गलत है?

Story 1

हमास का मास्टरमाइंड ढेर: बंधकों की आड़ में छिपा था इज्जेदीन अल-हद्दाद, इजराइल ने ऐसे किया खात्मा

Story 1

कनाडा क्रिकेट बोर्ड को तगड़ा झटका: ICC ने 6 महीने के लिए रोकी फंडिंग, प्रशासनिक गड़बड़ी बनी वजह

Story 1

वायरल वीडियो: सस्ता शाहरुख खान बनने के चक्कर में युवक ने दांव पर लगाई जान, ट्रेन के नीचे से निकाला दुपट्टा

Story 1

KKR vs GT: प्लेऑफ की जंग में कोलकाता के लिए करो या मरो की स्थिति, घर पर गुजरात को कैसे रोकेगी राइडर्स?

Story 1

सौरव गांगुली का एमएस धोनी पर बड़ा खुलासा: मुझे धोनी का दूसरा रूप पसंद नहीं आया

Story 1

फर्जी वोटिंग पर सख्त CM मान: पंजाब में एक भी सही वोट कटने नहीं देंगे

Story 1

IPL 2026: इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ ये सीजन, पहली बार सभी 10 टीमों ने जड़ा शतक

Story 1

ज्वाला गुट्टा का नेक काम: एक साल में दान किया 60 लीटर ब्रेस्ट मिल्क, कई नवजातों को दी नई जिंदगी

Story 1

डोनाल्ड ट्रंप की टीम से हुई एक टाइपिंग मिस्टेक, इंटरनेट पर मीम्स की आई सुनामी