मुंह में राम, बगल में छुरी: जिनपिंग से हाथ मिलाते ट्रंप, पीछे से क्यूबा में CIA की बिछाई बिसात
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ बीजिंग में शी जिनपिंग के साथ गर्मजोशी से मिल रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उनकी खुफिया एजेंसी CIA ने चीन के पिछवाड़े में सेंधमारी शुरू कर दी है। ट्रंप प्रशासन अब किसी भी हाल में क्यूबा को अपने प्रभाव में लाना चाहता है ताकि चीन, रूस और ईरान के जासूसी नेटवर्क का खात्मा किया जा सके।

CIA प्रमुख का गुप्त मिशन जब ट्रंप बीजिंग में थे, उसी दौरान CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने क्यूबा का दौरा किया। उन्होंने वहां के गृह मंत्री लाजारो अल्वारेज कासास और पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के पोते से सीधी मुलाकात की। रैटक्लिफ ने साफ संदेश दिया कि अगर क्यूबा आर्थिक और सुरक्षा सहयोग चाहता है, तो उसे अपनी नीतियों में बुनियादी बदलाव करने होंगे।

ईंधन संकट से जूझ रहा क्यूबा क्यूबा इस समय गहरे आर्थिक संकट में है। डीजल और ईंधन की भारी किल्लत के कारण देश में 20-22 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। अस्पतालों तक की सेवाएं चरमरा गई हैं। इस मजबूरी का फायदा उठाते हुए अमेरिका ने वेनेजुएला का उदाहरण देकर क्यूबा को धमकाना शुरू कर दिया है, जहां ट्रम्प प्रशासन ने सैन्य ऑपरेशन के जरिए सत्ता का रुख बदल दिया था।

चीन के लिए बड़ा झटका क्यूबा का रुख बदलना चीन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। क्यूबा अमेरिका के फ्लोरिडा तट से मात्र 151 किमी दूर है। वहां स्थित सोवियत काल के अड्डों का इस्तेमाल चीन दशकों से अमेरिकी सैन्य गतिविधियों, सबमरीन बेस और सैटेलाइट लॉन्च पर नजर रखने के लिए कर रहा है। यदि क्यूबा अमेरिका के प्रभाव में आता है, तो पश्चिमी गोलार्ध में चीन की आंखें बंद हो जाएंगी।

ट्रंप की कठोर शर्तें और रेजीम चेंज का दबाव अमेरिका ने क्यूबा के सामने सीधी शर्तें रखी हैं। इसमें लोकतंत्र, स्वतंत्र चुनाव, मानवाधिकारों की बहाली और सरकारी उद्योगों का निजीकरण शामिल है। इसके अलावा, अमेरिका ने चीन और रूस के सभी खुफिया-सैन्य अड्डों को बंद करने और उनसे रणनीतिक संबंध तोड़ने का अल्टीमेटम दिया है।

राउल कास्त्रो पर कानूनी शिकंजा ट्रंप प्रशासन अब 94 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो को भी निशाना बना रहा है। अमेरिका 1996 में ब्रदर्स टू द रेस्क्यू संगठन के दो विमानों को मार गिराए जाने के मामले में उन पर आपराधिक मुकदमा चलाने की तैयारी कर रहा है। CIA प्रमुख की हालिया बैठक में राउल के पोते की मौजूदगी यह दर्शाती है कि हवाना का सत्ता गलियारा दबाव में है और अब बदलाव की बयार वहां भी बहने लगी है।

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