बीजिंग में हुई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की शिखर वार्ता के दौरान ताइवान का मुद्दा सबसे बड़ा तनाव बिंदु बनकर उभरा है। चीन ने साफ कर दिया है कि ताइवान के मसले पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्या बोले शी चिनफिंग? चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि ताइवान का मुद्दा अमेरिका-चीन संबंधों की रेड लाइन है। उन्होंने कहा कि ताइवान की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय शांति एक साथ संभव नहीं है। शी ने साफ तौर पर कहा कि अगर इस मसले को सही ढंग से नहीं संभाला गया, तो दोनों महाशक्तियों के बीच टकराव और सैन्य संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है।
ट्रंप की चुप्पी के क्या मायने? बैठक के बाद डोनल्ड ट्रंप का रुख हैरान करने वाला रहा। जब पत्रकारों ने उनसे बार-बार ताइवान मुद्दे पर सवाल किया, तो उन्होंने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। ट्रंप ने केवल इतना कहा, सब कुछ बहुत अच्छा रहा। चीन बेहद खूबसूरत जगह है। ताइवान पर उनकी यह चुप्पी कई रणनीतिक कयासों को जन्म दे रही है।
अमेरिका की पुरानी नीति पर कायम: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सफाई देते हुए कहा कि वाशिंगटन की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपनी पुरानी वन चाइना पॉलिसी पर कायम है, लेकिन साथ ही चीन को आगाह किया कि ताइवान के खिलाफ बल प्रयोग करना एक बड़ी गलती साबित होगी।
विवाद की जड़ क्या है? चीन ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानता है और लंबे समय से उसे अपने नियंत्रण में लेने की धमकी देता रहा है। वहीं, अमेरिका आधिकारिक तौर पर चीन की संप्रभुता को मान्यता देने के बावजूद ताइवान को रक्षात्मक मदद देता रहा है। यह दोहरा रवैया ही दोनों देशों के बीच बार-बार तनाव की स्थिति पैदा करता है।
आगे क्या होगा? विश्लेषकों का मानना है कि भले ही इस बैठक में ट्रंप ने ताइवान के मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी, लेकिन चीन की ओर से मिली संघर्ष की सीधी चेतावनी ने आने वाले समय में कूटनीतिक दबाव को और बढ़ा दिया है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या अमेरिका-चीन के बीच यह नाजुक संतुलन लंबे समय तक बना रहेगा।
President Xi stressed to President Trump that the Taiwan question is the most important issue in China-U.S. relations. If it is handled properly, the bilateral relationship will enjoy overall stability. Otherwise, the two countries will have clashes and even conflicts, putting… pic.twitter.com/gqji6lEfL7
— Mao Ning 毛宁 (@SpoxCHN_MaoNing) May 14, 2026
ताइवान पर आर-पार की चेतावनी: शी चिनफिंग की सीधी धमकी, ट्रंप ने साधी चुप्पी
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