मुंबई में दुकान-ऑफिस चलाते हैं? तो जल्द लगवाएं मराठी साइनबोर्ड, वरना भुगतनी होगी कड़ी कार्रवाई!
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मुंबई में व्यापार करने वालों के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने एक बेहद सख्त आदेश जारी किया है। अब शहर की हर दुकान, होटल और कॉर्पोरेट ऑफिस के बाहर मराठी में साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने इसके लिए महज एक महीने की समय सीमा तय की है।

क्या है BMC का नया फरमान? BMC की लॉ कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बावजूद मुंबई के हजारों प्रतिष्ठान अभी भी मराठी भाषा की अनदेखी कर रहे हैं। अब नगर निगम ने सभी व्यावसायिक इकाइयों को 30 दिनों के भीतर अपनी दुकानों और दफ्तरों के नाम मराठी में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं।

फाइव स्टार होटल भी दायरे में प्रशासन ने साफ किया है कि यह नियम किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए समान है। चाहे छोटे दुकानदार हों या द वेस्टिन और मॉर्गन स्टेनली जैसे बड़े फाइव स्टार होटल और कॉर्पोरेट टावर, सभी को मराठी साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। बैठक में बड़े प्रतिष्ठानों द्वारा केवल अंग्रेजी में नाम प्रदर्शित करने पर कड़ी आपत्ति जताई गई।

उल्लंघन किया तो होगा शिवसेना स्टाइल एक्शन बीएमसी प्रशासन इस बार किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। डिप्टी मेयर संजय घाडी ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो लाइसेंस विभाग ऐसे प्रतिष्ठानों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नियम न मानने वालों को शिवसेना स्टाइल में जवाब दिया जाएगा।

स्थानीय दलों का मिल रहा समर्थन इस मुद्दे पर मुंबई की राजनीति भी गरम है। मनसे (MNS) सहित अन्य पार्षदों ने भी इस मांग का पुरजोर समर्थन किया है। विधि समिति की अध्यक्ष दीक्षा कारकर ने प्रशासन से सवाल किया है कि जब कोर्ट के आदेश स्पष्ट हैं, तो इसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि शहर में उर्दू और हिंदी के बोर्ड तो दिखते हैं, लेकिन मराठी की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अब देखना यह होगा कि क्या एक महीने के भीतर मुंबई के सभी प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठान इस नियम का पालन करते हैं या उन्हें प्रशासन की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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