प्रतीक यादव की मौत का सच: न स्टेरॉयड, न साजिश; एक खामोश कातिल ने ली जान
News Image

उत्तर प्रदेश के रसूखदार राजनीतिक परिवार के सदस्य प्रतीक यादव की असामयिक मृत्यु ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। 38 साल की उम्र, फिटनेस का जुनून और फिर अचानक मौत—इस घटना ने कई तरह की अफवाहों को जन्म दिया। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और डॉक्टरों के खुलासे ने तमाम अटकलों को खारिज करते हुए एक बेहद दर्दनाक सच्चाई सामने रखी है।

सालों से छिपा था खामोश कातिल प्रतीत भले ही बाहर से पूरी तरह फिट नजर आते थे, लेकिन वे अंदर से एक गंभीर बीमारी से लड़ रहे थे। डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक पिछले 5 वर्षों से DVT (डीप वेन थ्रोम्बोसिस) के मरीज थे। इसमें शरीर की गहरी नसों में खून के थक्के जम जाते हैं। वे लंबे समय से खून पतला करने वाली (Blood Thinners) दवाओं पर थे। यह बीमारी एक खामोश कातिल की तरह है, जो नस से टूटकर फेफड़ों तक पहुंचकर जानलेवा साबित हो सकती है।

क्या है DVT और इसके लक्षण? DVT तब होता है जब नसों में रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है। इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:

ICU से घर आने की जिद और मौत का जाल 29 अप्रैल को सीने में दर्द और सांस फूलने की शिकायत के बाद उन्हें ICU में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों के अनुसार, 1 मई को प्रतीक ने अस्पताल से घर जाने की जिद पकड़ ली। डॉक्टरों ने इसे उनके लिए बेहद खतरनाक बताया और मेडिकल रिकॉर्ड में इसे LAMA (Leave Against Medical Advice) दर्ज किया गया। वे अपने बच्चों और घर की याद में इस कदर बेचैन थे कि उन्होंने तमाम चेतावनियों को दरकिनार कर दिया।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट: स्टेरॉयड थ्योरी गलत प्रतीक की मौत को लेकर स्टेरॉयड और नशीले पदार्थों के सेवन की जो चर्चाएं थीं, उन्हें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पूरी तरह गलत साबित कर दिया है। मौत का कारण मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म था। शरीर पर मिली 6 चोटों का सच यह है कि ब्लड थिनर पर होने के कारण मामूली गिरने पर भी उन्हें गहरे जख्म हो गए थे। ये चोटें अस्पताल जाने से पहले और घर पर बेहोश होने के दौरान गिरने से आई थीं।

एक कड़ा सबक प्रतीक यादव की मौत एक जवान पिता की उस जिद की कहानी है, जिसने शायद बीमारी की गंभीरता को कमतर आंक लिया। यह घटना एक कड़ा सबक है कि चिकित्सा सलाह का उल्लंघन कितना भारी पड़ सकता है। अस्पताल की मशीनों की बीप-बीप अक्सर हमें परेशान करती है, लेकिन वही आवाज असल में हमारी धड़कनों की सुरक्षा का कवच होती है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

वकील के वेश में हाईकोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी, सियासी गलियारों में हलचल

Story 1

NEET पेपर लीक कांड: CBI का बड़ा शिकंजा, 5 गिरफ्तार और देशभर में ताबड़तोड़ छापेमारी

Story 1

मुसलमानों के लिए कोई काम नहीं करूंगा : बंगाल के BJP विधायक के विवादित बयान से मचा बवाल

Story 1

बीजिंग में पावर समिट : ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात, क्या बदलेगी दुनिया की दिशा?

Story 1

फिलीपींस की संसद में गूंजीं गोलियां: ICC की गिरफ्तारी से बचने के लिए साजिश का शक!

Story 1

गिर जंगल में रोंगटे खड़े कर देने वाला नजारा: सफारी गाड़ी के पीछे छिपी शेरनी, पर्यटकों के सामने किया शिकार

Story 1

क्या आपने देखा? राजस्थान रॉयल्स के स्टार वैभव सूर्यवंशी का क्यूट अवतार हुआ वायरल

Story 1

ताज महल का टिकट बुक करने जा रहे हैं? तो सावधान, एक क्लिक खाली कर सकता है आपका बैंक अकाउंट!

Story 1

सैमसंग-एप्पल की बढ़ सकती है धड़कनें: भारत आ रहे ओप्पो के दो सुपर-पावरफुल फ्लैगशिप फोन

Story 1

मनीला सीनेट में गूंजीं गोलियां: आईसीसी गिरफ्तारी वारंट और राजनीतिक वर्चस्व की जंग में दहला संसद परिसर