तेल संकट के बीच पीएम मोदी ने पेश की मिसाल, काफिला छोटा कर दिया आर्थिक देशभक्ति का संदेश
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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने खुद अपने आधिकारिक काफिले में दो गाड़ियों की कटौती कर मितव्ययिता (austerity) और ईंधन संरक्षण की एक नई मिसाल पेश की है।

नेतृत्व का अनुकरणीय उदाहरण पीएम मोदी का यह निर्णय केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि एक गहरा संदेश है। सुरक्षा और एसपीजी (SPG) प्रोटोकॉल के मानकों से बिना किसी समझौते के, प्रधानमंत्री ने यह सिद्ध किया है कि संसाधनों का अनुकूलन (optimization) संभव है। उनके इस कदम का असर अब दिखने लगा है; गृह मंत्री अमित शाह से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिलों को छोटा करने की घोषणा की है।

सुरक्षा और सादगी का सटीक संतुलन विशेषज्ञों के अनुसार, सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाए रखने के लिए तकनीक का बेहतर उपयोग किया जा रहा है, जिससे गाड़ियों की संख्या कम होने के बावजूद सुरक्षा मानकों पर कोई आंच नहीं आई है। प्रधानमंत्री का यह लीड बाई एग्जांपल दृष्टिकोण देश को यह संदेश देता है कि राष्ट्रहित में लिया गया कोई भी छोटा कदम बड़े बदलाव की नींव रख सकता है।

आर्थिक देशभक्ति का रोडमैप हाल ही में पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक संबोधन के दौरान नागरिकों से आर्थिक देशभक्ति अपनाने का आह्वान किया था। इसमें प्रमुख रूप से नागरिकों से आगामी एक वर्ष तक सोना न खरीदने और ईंधन की बचत को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील शामिल है। पीएम का मानना है कि वैश्विक संघर्षों के दौर में सामूहिक प्रयास ही महंगाई से लड़ने का एकमात्र रास्ता है।

सरकारी विभागों में भी कसा शिकंज प्रधानमंत्री की इस पहल के बाद केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने भी खर्चों में कटौती का मन बना लिया है। सरकारी अधिकारियों को निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। फिजूलखर्ची रोकने के लिए सरकारी आयोजनों को भी अब सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित करने पर जोर दिया जा रहा है।

यह कदम स्पष्ट करता है कि भारत सरकार न केवल जनता को उपदेश दे रही है, बल्कि शासन के शीर्ष स्तर से ही मितव्ययिता की शुरुआत कर एक जिम्मेदार राष्ट्र का उदाहरण पेश कर रही है।

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