वॉशिंगटन: वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा संकेत दिया है। आसमान छूते तेल के दामों को नियंत्रित करने के लिए ट्रंप ने दो टूक कहा है कि अमेरिका जो जरूरी होगा, वह करेगा। इस बयान के बाद वैश्विक तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है।
रूस के तेल पर राहत के संकेत ट्रंप के इस बयान को रूस से तेल हासिल करने की पाबंदियों में और अधिक राहत मिलने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिका ग्लोबल सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए रूसी तेल पर लगी शर्तों में ढील जारी रख सकता है ताकि कीमतें नीचे आ सकें।
युद्ध खत्म होते ही आएगी तेल की बाढ़ ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान और मिडिल ईस्ट का संघर्ष खत्म होते ही वैश्विक बाजार में तेल की भारी आपूर्ति होगी। उन्होंने कहा कि अभी दुनिया भर में सैकड़ों जहाज तेल से लदे खड़े हैं, जो सप्लाई शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि तनाव कम होते ही तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी और महंगाई में बड़ी राहत मिलेगी।
क्यों अहम है अमेरिकी राहत? मार्च 2026 में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के दौरान ग्लोबल सप्लाई बाधित होने पर अमेरिका ने रूसी तेल पर लगी पाबंदियों में अस्थायी छूट दी थी। यह राहत फिलहाल 16 मई तक प्रभावी है। इस छूट के कारण ही भारत जैसे देशों को रियायती दरों पर रूसी कच्चा तेल खरीदने में मदद मिली है।
100 डॉलर के पार क्रूड का डर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड पहले ही 105 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू चुका है। बाजार में सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ट्रंप का यह रुख बाजार को स्थिरता देने की एक कोशिश है।
महंगाई पर ट्रंप का बड़ा दावा ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अब अमेरिका गोल्डन एज (स्वर्ण युग) की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि युद्ध के समाप्त होते ही अमेरिका में महंगाई दर गिरकर 1.5% के स्तर तक आ जाएगी, जो अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सकारात्मक बदलाव होगा।
भारत को क्या फायदा मिलेगा? भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा रूसी तेल से पूरा करता है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा तेल प्रतिबंधों में राहत जारी रखने से भारत को दोहरी राहत मिल सकती है। एक तरफ बाजार में तेल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी तरफ भारत के चालू खाते के घाटे (CAD) पर दबाव कम होगा, जिससे घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों में स्थिरता बने रहने की उम्मीद है।
#WATCH | Responding to ANI s question regarding whether he would extend the waiver on sanctioned Russian oil to help ease crude prices, US President Donald Trump says, ...We are going to whatever is necessary, including this war over will not be long. You re going to see oil… pic.twitter.com/tNIDaFq04o
— ANI (@ANI) May 12, 2026
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