हिमंत बिस्वा का शपथ ग्रहण: PM मोदी की मौजूदगी में सुरक्षा में बड़ी सेंध, निशाने पर कौन?
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12 मई 2026 को गुवाहाटी के वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में हिमंत बिस्वा सरमा ने असम के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ ली। यह समारोह भव्य था, लेकिन इसकी चमक के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां सकते में आ गईं। शपथ ग्रहण से ठीक पहले एक संदिग्ध व्यक्ति को जिंदा गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य शीर्ष नेताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

6 दिन में तीसरी बड़ी वारदात: क्या है साजिश?

यह घटना महज एक संयोग नहीं, बल्कि पिछले 6 दिनों में तीसरी बड़ी सुरक्षा चूक है। इससे पहले 6 मई को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई थी, और 10 मई को बेंगलुरु में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल के पास जिलेटिन स्टिक्स बरामद हुई थीं। शपथ समारोह में सक्रिय हुई यह साजिश इशारा करती है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को निशाना बनाने वाले तत्व फिर से सक्रिय हो गए हैं।

असम में NDA का प्रचंड जनादेश

असम में बीजेपी की पकड़ और मजबूत हुई है। 126 सदस्यीय विधानसभा में NDA ने 102 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। बीजेपी ने अकेले 82 सीटें जीतीं। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने हिमंत बिस्वा सरमा के साथ अजंता नेओग, रामेश्वर तेली, अतुल बोरा और चरण बोरो को मंत्री पद की शपथ दिलाई।

असम मॉडल और पूर्वी भारत की नई राजनीति

शपथ समारोह में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की उपस्थिति ने एक नए राजनीतिक समीकरण को जन्म दिया है। सुवेंदु ने हिमंत बिस्वा सरमा के असम मॉडल (विशेषकर घुसपैठ विरोधी नीति) की जमकर तारीफ की। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में असम, बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों के बीच विकास और सुरक्षा को लेकर एक नया तालमेल देखने को मिलेगा, जो बीजेपी की पूर्वी भारत में रणनीतिक पैठ का प्रतीक है।

विकास बनाम सुरक्षा: नई सरकार की चुनौतियां

हिमंत बिस्वा सरमा के लिए दूसरा कार्यकाल और भी चुनौतीपूर्ण होगा। पिछले पांच सालों में उन्होंने घुसपैठ पर अंकुश, बुनियादी ढांचा और सांस्कृतिक संरक्षण (कामाख्या मंदिर विकास) पर काम किया है। हालांकि, शपथ ग्रहण के दौरान हुई सुरक्षा चूक ने यह साफ कर दिया है कि सत्ता के साथ-साथ राज्य को अंदरूनी और बाहरी खतरों से सुरक्षित रखना अब उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

जनता ने बीजेपी को भारी बहुमत दिया है, लेकिन बढ़ती राजनीतिक हिंसा और सुरक्षा में सेंध की घटनाएं सरकार के लिए एक बड़ी चेतावनी हैं। अब देखना यह होगा कि हिमंत बिस्वा सरमा का प्रशासन सुरक्षित और समृद्ध असम के वादे को किस तरह अमलीजामा पहनाता है।

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