पार्टी और उम्मीदवारों से भी वसूली : निलंबित टीएमसी नेता का आईपैक (I-PAC) पर बड़ा हमला
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। हाल ही में टीएमसी से निलंबित किए गए पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजु दत्ता ने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व और चुनावी रणनीतिकार संस्था आईपैक (I-PAC) पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

आईपैक पर कब्जे का आरोप रिजु दत्ता ने आरोप लगाया कि आईपैक ने न केवल पार्टी फंड से पैसा लिया, बल्कि टिकट पाने वाले उम्मीदवारों से भी अवैध वसूली की। उन्होंने सवाल उठाया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में एक बाहरी संस्था ने पूरी पार्टी पर अपना नियंत्रण कैसे बना लिया। उन्होंने कहा कि इसकी नैतिक जिम्मेदारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को लेनी होगी।

डेटा और ईडी की रेड का कनेक्शन दत्ता ने प्रतीक जैन के घर हुई ईडी की रेड का जिक्र करते हुए दावा किया कि ममता बनर्जी अपना डेटा सुरक्षित करने के लिए वहां पहुंची थीं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट में चल रहा ईडी का मामला टीएमसी के खिलाफ गया, तो पार्टी प्रमुख को गंभीर कानूनी मुश्किलों और जेल का सामना करना पड़ सकता है।

बेल पर सवाल और ईडी की चुप्पी निलंबित नेता ने आईपैक डायरेक्टर विनेश चंडेल की जमानत पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पीएमएलए कोर्ट से जमानत मिलना और ईडी द्वारा इसका विरोध न करना कई बड़े संकेत देता है। दत्ता के अनुसार, यह इस बात का सबूत है कि कानूनी प्रक्रियाओं के साथ मिलीभगत की गई थी।

सुवेंदु अधिकारी की तारीफ में कसीदे अचानक अपने रुख में बदलाव दिखाते हुए रिजु दत्ता ने सुवेंदु अधिकारी की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने दावा किया कि सुवेंदु के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में 5000 टीएमसी कार्यकर्ताओं की जान बची है। उन्होंने कहा, यदि सुवेंदु ने बदले की राजनीति की होती, तो उसी रात 5000 कार्यकर्ताओं की हत्या हो जाती, लेकिन उन्होंने शांति बनाए रखने का संदेश दिया।

भाजपा की प्रतिक्रिया: टीएमसी का अंत निश्चित इस पूरे घटनाक्रम पर पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह टीएमसी का आंतरिक मामला है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और टीएमसी एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि टीएमसी का राजनीतिक जीवनचक्र अब खत्म हो चुका है और वह चौथी बार सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी।

उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अनुपम खेर के सिर पर फिर से बाल उग सकते हैं, लेकिन टीएमसी की सत्ता में वापसी असंभव है।

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