संजीव अरोड़ा गिरफ्तार: ED की ताबड़तोड़ छापेमारी से पंजाब की राजनीति में भूचाल
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पंजाब की राजनीति में शुक्रवार सुबह हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास समेत कई शहरों में एक साथ छापेमारी के बाद अब उनकी गिरफ्तारी की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, ED ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

छापेमारी का मंजर: 20 गाड़ियां और सुरक्षा का घेरा 9 मई की सुबह करीब 7:25 बजे ED की टीम भारी सुरक्षा बल के साथ चंडीगढ़ सेक्टर-2 स्थित मंत्री अरोड़ा के आवास पर पहुंची। करीब 20 गाड़ियों के काफिले और तीन दर्जन से अधिक जवानों की मौजूदगी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। यह एक साल में तीसरी और एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी रेड है, जिसने सरकारी मशीनरी को सकते में डाल दिया है।

कहां-कहां हुई कार्रवाई? सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी केवल चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रही। एजेंसी ने चंडीगढ़ के अलावा गुरुग्राम और दिल्ली में हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के दफ्तरों को भी खंगाला। ED की टीम आर्थिक अनियमितताओं, फर्जी GST बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पुख्ता सबूत तलाश रही है।

100 करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोप संजीव अरोड़ा और उनके नेटवर्क पर 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी GST बिल बनाने का गंभीर आरोप है। जांच एजेंसियों का मानना है कि मोबाइल फोन कारोबार से जुड़े फर्जी बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ उठाया गया। इसके अलावा, दुबई से राउंड ट्रिप के जरिए अवैध धन को भारत में खपाने और GST रिफंड का दुरुपयोग करने की भी जांच की जा रही है।

जमीन घोटाले और सट्टेबाजी के तार जांच का दायरा काफी विस्तृत है। एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कहीं औद्योगिक जमीन को आवासीय परियोजनाओं में बदलकर सरकारी खजाने को नुकसान तो नहीं पहुंचाया गया। साथ ही, अवैध सट्टेबाजी से जुड़े धन को रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश करने के आरोपों की भी गहन जांच चल रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: इसे बताया तानाशाही आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह ने इस कार्रवाई को तानाशाही करार दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि एक साल में तीन बार रेड करने के बाद, जब हाथ कुछ नहीं लगा, तो अब गिरफ्तारी का रास्ता अपनाया गया है। वहीं, विपक्षी दल इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक निर्णायक कार्रवाई बता रहे हैं।

PMLA के तहत शिकंजा ED ने यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की है। एजेंसी उन शेल कंपनियों के नेटवर्क को भी खंगाल रही है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर धन शोधन के लिए किया गया। संजीव अरोड़ा पहले भी 2024 के जमीन घोटाले और अप्रैल 2026 में FEMA के तहत जांच एजेंसियों के रडार पर रहे हैं।

फिलहाल, इस पूरे मामले पर आधिकारिक प्रेस रिलीज का इंतजार है। यदि गिरफ्तारी की पुष्टि होती है, तो यह पंजाब सरकार के लिए एक बड़ा संकट साबित हो सकता है।

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