कोलकाता की सत्ता में ऐतिहासिक बदलाव: सुवेंदु अधिकारी की ताजपोशी आज, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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आज कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड केवल एक शपथ ग्रहण समारोह का गवाह नहीं बन रहा, बल्कि यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए सबसे बड़े सत्ता परिवर्तन का केंद्र है। राज्य में पहली बार भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने जा रही है और सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए तैयार हैं।

4000 जवानों का पहरा और हाई अलर्ट

इस आयोजन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, करीब 4 हजार सुरक्षाकर्मी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। पूरे परेड ग्राउंड को ड्रोन निगरानी के दायरे में रखा गया है। वीवीआईपी मेहमानों की मौजूदगी और मौजूदा राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे शहर में बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है।

सांस्कृतिक रंग में डूबा नया बंगाल

पार्टी ने इस आयोजन के जरिए अपनी बाहरी होने की छवि को बदलने की कोशिश की है। परेड ग्राउंड को रवींद्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और बंगाल पुनर्जागरण के प्रतीकों से सजाया गया है। मंच पर छऊ , बाउल और गंभीरा जैसी लोक कलाओं का प्रदर्शन होगा। दक्षिणेश्वर मंदिर और सुंदरबन की थीम के जरिए भाजपा ने बंगाल की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का स्पष्ट संकेत दिया है।

भावनात्मक संदेश: स्टॉल से परोसा जाएगा बंगाल का स्वाद

मैदान में खास आकर्षण वे स्टॉल हैं जहां स्थानीय व्यंजन जैसे झालमुड़ी , रसगुल्ला और संदेश परोसे जाएंगे। वहीं, वीआईपी लंच में बंगाली डिशेज जैसे आलू पोश्तो और बैंगन भाजा के साथ पारंपरिक मेन्यू रखा गया है। जानकारों का कहना है कि यह केवल खान-पान नहीं, बल्कि जनता के दिलों तक पहुंचने की एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति है।

34 साल का संघर्ष और सत्ता का शिखर

1982 में पहली बार चुनाव लड़ने वाली भाजपा के लिए यह दिन ऐतिहासिक है। 34 साल के लंबे संघर्ष और धीरे-धीरे बढ़ते जनाधार के बाद, पार्टी ने 2026 में 207 सीटें जीतकर सत्ता का जादुई आंकड़ा पार किया है। सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना बंगाल की दशकों पुरानी राजनीतिक संरचना के टूटने और एक नए युग के उदय का प्रतीक माना जा रहा है।

पीएम मोदी और शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी

शपथ ग्रहण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति इसे एक राष्ट्रीय स्तर का आयोजन बना रही है। साथ ही असम, बिहार, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के मुख्यमंत्री भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे। भाजपा सूत्रों के अनुसार, यह सिर्फ एक शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि पूरे देश को नए बंगाल के आगाज का संदेश है।

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