श्रीदेवी की डिजाइनर से बंगाल की डिप्टी CM तक: अग्निमित्रा पॉल की चौंकाने वाली कहानी
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में ग्लैमर और सत्ता का एक दुर्लभ संगम देखने को मिल रहा है। कभी बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्रियों के लिए रेड कार्पेट लुक तैयार करने वालीं अग्निमित्रा पॉल अब राज्य की राजनीति का बड़ा चेहरा बन चुकी हैं। मई 2026 के विधानसभा चुनावों में मिली शानदार जीत के बाद, अब वह पश्चिम बंगाल की अगली उपमुख्यमंत्री बनने की तैयारी में हैं।

मेडिकल के सपने को छोड़ फैशन की दुनिया चुनी अग्निमित्रा का शुरुआती जीवन डॉक्टर बनने की राह पर था। उनके पिता एक प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ हैं। बैंगलोर में मेडिकल की पढ़ाई शुरू भी की, लेकिन एक हफ्ते में ही उन्हें समझ आ गया कि यह उनका रास्ता नहीं है। इसके बजाय, उन्होंने फैशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा किया और 2001 में अपना लेबल INGA लॉन्च किया। देखते ही देखते वह फैशन जगत का बड़ा नाम बन गईं।

बॉलीवुड का ग्लैमर और हिलेरी क्लिंटन का कनेक्शन डिजाइनर के तौर पर उनकी सफलता की कहानी श्रीदेवी से शुरू हुई। उन्होंने फिल्म कोई मेरे दिल से पूछे में ईशा देओल के कॉस्ट्यूम्स से लेकर सुष्मिता सेन और मिथुन चक्रवर्ती जैसे स्टार्स के लिए काम किया। उनकी काबिलियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को भी उनके डिजाइन किए गए शॉल भेंट स्वरूप दिए गए थे।

राजनीति में तेज रफ्तार से चढ़ीं सीढ़ियां 2019 में बीजेपी में शामिल होने के बाद अग्निमित्रा ने मुड़कर नहीं देखा। 2020 में महिला मोर्चा की अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने महिलाओं के लिए उमा नाम से आत्मरक्षा अभियान चलाया। 2021 में महासचिव और फिर 2026 में प्रदेश उपाध्यक्ष बनने तक का उनका सफर बेहद प्रभावशाली रहा। पार्टी में उनकी पकड़ का अंदाजा उनके नेतृत्व कौशल से लगाया जा सकता है।

चुनावी संघर्ष और ऐतिहासिक वापसी राजनीतिक राह आसान नहीं थी। 2022 और 2024 में हार का सामना करने के बाद, अग्निमित्रा ने 2026 के विधानसभा चुनाव में जोरदार वापसी की। उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट से टीएमसी के उम्मीदवार को 40,839 वोटों के भारी अंतर से हराकर अपनी राजनीतिक ताकत साबित कर दी। बीजेपी की 206 सीटों वाली ऐतिहासिक जीत में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।

विकास का एजेंडा और विवादों का साया अग्निमित्रा पर 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन उनके समर्थक इसे केवल राजनीतिक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा मानते हैं। वह खुद को विकासोन्मुखी नेता मानती हैं। उनका साफ कहना है कि जनता को मंदिर-मस्जिद नहीं, बल्कि रोजगार, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है। एक उद्योगपति की पत्नी और फैशन आइकन से लेकर राज्य की सत्ता के शिखर तक का उनका यह सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

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