प्रमोद महाजन का वह ऐतिहासिक भाषण: तमिलनाडु की मौजूदा सियासी खींचतान के बीच क्यों हो रहा वायरल?
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तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा और सरकार गठन को लेकर जारी भारी खींचतान के बीच भारतीय राजनीति के मंझे हुए नेता प्रमोद महाजन का 1997 का एक पुराना भाषण सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आज जब वहां सरकार बनाने के लिए छोटी-छोटी पार्टियों की मान-मनौव्वल की जा रही है, तो महाजन की गठबंधन राजनीति पर की गई तीखी टिप्पणियां एकदम सटीक बैठती हैं।

1997 की वह विचित्र विसंगति

यह भाषण अप्रैल 1997 का है, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की सरकार गिरने की कगार पर थी। उस समय गठबंधन का गणित इतना उलझा हुआ था कि सबसे बड़ी पार्टी सदन के बाहर थी और एक सदस्य वाली पार्टी का व्यक्ति कैबिनेट में मंत्री बना बैठा था। महाजन ने इसे विचित्र विसंगति करार दिया था।

हंसी के ठहाकों में छिपी कड़वी सच्चाई

संसद में अपने भाषण के दौरान महाजन ने गठबंधन की मजबूरियों को समझाने के लिए एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने चीन के एक प्रतिनिधि को भारत की गठबंधन सरकार का परिचय दिया:

महाजन के इस मजाकिया अंदाज ने तब सदन को ठहाकों से भर दिया था, लेकिन इसके पीछे की कड़वी सच्चाई आज भी राजनीतिक गलियारों में उतनी ही प्रासंगिक है।

अजीब शादी और वेटिंग रूम जैसी सरकार

प्रमोद महाजन ने देवेगौड़ा सरकार और कांग्रेस के बाहर से समर्थन वाले रिश्ते को एक अजीब निकाह बताया था। उन्होंने कटाक्ष किया कि दूल्हे (पीएम देवेगौड़ा) और दुल्हन के पिता (कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी) के बीच हनीमून शुरू होने से पहले ही तलाक की नौबत आ गई है।

उन्होंने गठबंधन सरकार की तुलना एक रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम से की थी, जहाँ हर कोई अपनी घड़ी देख रहा है और अगली ट्रेन (मौका) मिलने का इंतज़ार कर रहा है ताकि डूबती नाव से सुरक्षित बाहर निकल सके।

क्यों याद आ रहे हैं प्रमोद महाजन?

प्रमोद महाजन को संसदीय कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने और अपने मजाकिया लेकिन धारदार तर्कों के लिए जाना जाता था। तमिलनाडु में आज जिस तरह से बड़ी पार्टियां छोटी पार्टियों के आगे-पीछे घूम रही हैं, वह उसी गठबंधन धर्म के संकट को दर्शाता है जिसे महाजन ने दशकों पहले भांप लिया था।

उनका यह भाषण महज एक पुरानी याद नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के उस स्वरूप का आईना है, जहां सत्ता की कुर्सी के लिए विचारधाराएं अक्सर हाशिए पर चली जाती हैं। इसीलिए आज के दौर में भी यह विजुअल डॉक्यूमेंट सोशल मीडिया पर बार-बार साझा किया जा रहा है।

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