ईरान का शांति प्रस्ताव बनाम ट्रंप की सैन्य चेतावनी : क्या थम पाएगा दोनों देशों के बीच तनाव?
News Image

अमेरिका और ईरान के बीच मची तनातनी के बीच एक बार फिर माहौल गरमा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर ईरान ने कोई भी गलत कदम उठाया, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने से पीछे नहीं हटेगा।

ईरान का 14 सूत्रीय प्रस्ताव मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को 14 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करना है। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक नई सुरक्षा व्यवस्था बनाने और सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकने का सुझाव दिया गया है।

ट्रंप का रुख: उम्मीद कम, खतरा बरकरार फ्लोरिडा से मियामी रवाना होने से पहले जब ट्रंप से इस प्रस्ताव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस डील के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन वे बहुत अधिक आश्वस्त नहीं हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने संकेत दिए कि उन्हें नहीं लगता कि ये शर्तें स्वीकार करने योग्य हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान को अब तक अपने कृत्यों के लिए उतनी कीमत नहीं चुकानी पड़ी है, जितनी उसे चुकानी चाहिए थी।

फिर से सैन्य कार्रवाई की संभावना? जब ट्रंप से यह पूछा गया कि क्या दोबारा सैन्य हमले हो सकते हैं, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज नहीं किया। उनका कहना था कि यदि ईरान ने कोई उकसावे वाली हरकत की, तो स्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और सैन्य विकल्प खुला है।

ईरान की दो टूक: हम हर स्थिति के लिए तैयार दूसरी ओर, ईरान का रुख भी सख्त है। ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका पर भरोसा करना कठिन है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़म ग़रीबाबादी ने कहा कि गेंद अब अमेरिका के पाले में है कि वह कूटनीति चुनता है या टकराव। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि ईरान किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

क्या है प्रस्ताव की मुख्य बातें? रिपोर्ट्स के अनुसार, इस 14 सूत्रीय प्रस्ताव में अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने और लेबनान में जारी संघर्ष को एक महीने के भीतर समाप्त करने की समय सीमा तय करने की बात कही गई है। इसके बाद ही ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर आगे बातचीत को तैयार होगा।

फिलहाल, दोनों देशों के बीच की बातचीत और सैन्य तैयारियों के बीच दुनिया की नजरें इस तनावपूर्ण स्थिति पर टिकी हैं। क्या कूटनीति इस बार युद्ध को टाल पाएगी, यह आने वाले कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

मौत की ऊंचाई: सिद्धार्थनगर में पानी की टंकी से गिरे 3 बच्चे, सेना के हेलीकॉप्टर से हुआ रेस्क्यू

Story 1

IPL 2026: क्या मुंबई इंडियंस का सफर खत्म? प्लेऑफ की रेस में अब बची है महज एक मामूली उम्मीद

Story 1

बंगाल में चुनावी जंग: बिधाननगर स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर BJP और TMC कार्यकर्ताओं में भिड़ंत

Story 1

स्कूल जाने का नाम सुनते ही कुंभकरण बना बच्चा: कान के पास बजा बैंड-बाजा, फिर भी नहीं खुली नींद!

Story 1

बृजभूषण के गढ़ में विनेश फोगाट की वापसी: मैं उन 6 पीड़िताओं में शामिल हूं , सुरक्षा पर उठाए सवाल

Story 1

मंडप में दूल्हा देखता रह गया, दुल्हन ने सबके सामने प्रेमी को पहना दी वरमाला

Story 1

शेर आया-शेर आया: जमानत के बाद दिल्ली पहुंचे पवन खेड़ा, बोले- संविधान पर भरोसा और मजबूत हुआ

Story 1

GT vs PBKS: टॉस जीतकर गुजरात ने चुनी गेंदबाजी, पंजाब की चुनौती के लिए तैयार दोनों टीमें

Story 1

महाराष्ट्र का लक्ष्य: पहली 1 करोड़ लखपति दीदी बनाने की तैयारी, सीएम फडणवीस का बड़ा ऐलान

Story 1

सिर्फ आग नहीं, डेथ ट्रैप बने फ्लैट! विवेक विहार अग्निकांड में 9 मौतों के पीछे की खौफनाक सच्चाई