आज 2 मई को ठीक 11:40 बजे देशभर में लाखों लोगों के फोन अचानक एक तेज सायरन के साथ बज उठे। आवाज इतनी तीव्र थी कि दफ्तरों में काम कर रहे लोग घबराकर अपनी कुर्सियों से उठ खड़े हुए। कुछ क्षणों के लिए लोगों में हड़कंप मच गया कि कहीं कोई इमरजेंसी या आग लगने जैसी घटना तो नहीं हुई है।
क्या था यह अलर्ट? जब लोगों ने अपने फोन की स्क्रीन देखी, तो माजरा साफ हुआ। यह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) और नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) द्वारा संचालित एक मोबाइल-आधारित डिजास्टर अलर्ट सिस्टम का ट्रायल था। मैसेज में स्पष्ट लिखा था कि यह केवल एक परीक्षण संदेश है और जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
कैसे काम करती है यह तकनीक? यह सिस्टम सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक और कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपदा के समय यह किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि उस विशेष भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद हर मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट भेजता है।
साइलेंट फोन पर भी बजेगा सायरन इस इमरजेंसी सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि अगर आपका फोन साइलेंट या डू नॉट डिस्टर्ब मोड पर भी है, तब भी यह अलर्ट एक तेज सायरन के साथ बज उठेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा के समय कोई भी व्यक्ति सूचना से वंचित न रहे।
क्यों जरूरी है यह सिस्टम? भारत जैसे विशाल देश में, जहाँ भूकंप, सुनामी, बाढ़ और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं, वहां यह सिस्टम गेम-चेंजर साबित हो सकता है। किसी भी आपात स्थिति में, एक सेकंड की भी देरी जान पर भारी पड़ सकती है। यह तकनीक लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए आगाह कर देगी, जिससे जन-धन की हानि को कम किया जा सकेगा।
इन इलाकों में नहीं भेजा गया अलर्ट सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यह ट्रायल दिल्ली-NCR समेत देश के अधिकांश हिस्सों में किया गया। हालांकि, जिन राज्यों में वर्तमान में चुनाव प्रक्रिया चल रही है, वहां यह अलर्ट नहीं भेजा गया। साथ ही, संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों (बॉर्डर एरिया) को भी इस ट्रायल से फिलहाल दूर रखा गया है।
सरकार का यह कदम सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र के विजन को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
A step forward in strengthening how we communicate during critical situations.
— DoT India (@DoT_India) May 2, 2026
The Department of Telecommunications, in coordination with key national agencies, is set to launch an advanced public alerting framework aimed at enabling timely communication during critical… pic.twitter.com/0uUu5AQ7hs
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