इस्लामाबाद। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इस बीच, पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने भारत की आर्थिक नीतियों और ईंधन प्रबंधन की खुलकर तारीफ की है।
भारत की स्थिरता का लोहा माना पाकिस्तानी मंत्री ने स्वीकार किया कि भारत इस वैश्विक संकट को झेलने में पाकिस्तान से कहीं अधिक सक्षम है। उन्होंने कहा कि भारत के पास 600 अरब डॉलर का विशाल विदेशी मुद्रा भंडार है, जो उसे किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की ताकत देता है।
रणनीतिक भंडार का बड़ा अंतर मलिक ने बताया कि भारत के पास 60-70 दिनों का रणनीतिक तेल भंडार है, जिसे सरकार केवल एक हस्ताक्षर से बाजार में उतार सकती है। वहीं, पाकिस्तान की स्थिति बेहद नाजुक है। उन्होंने खुलासा किया कि पाकिस्तान के पास कोई भी रणनीतिक भंडार नहीं है, केवल कुछ दिनों के लिए ही कमर्शियल तेल मौजूद है।
IMF की शर्तों में उलझा पड़ोसी पाकिस्तानी मंत्री ने अपनी दुर्दशा के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कठोर शर्तों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान को आम जनता को राहत देने के लिए भी IMF से गुहार लगानी पड़ती है। तेल की कीमतों में कटौती के लिए भी उन्हें पर्दे के पीछे से IMF को मनाना पड़ा, ताकि लेवी में 80 रुपये प्रति लीटर की कमी की जा सके।
भारत ने कैसे संभाली स्थिति? इसके उलट, भारत सरकार ने वैश्विक कीमतों में उछाल के बावजूद अपने नागरिकों को महंगाई की मार से बचाया। भारत ने पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती की। साथ ही, बड़े विदेशी मुद्रा भंडार और रणनीतिक तेल रिजर्व का कुशलता से उपयोग करके घरेलू बाजार में कीमतों को स्थिर रखा।
पाकिस्तानी मंत्री की हताशा मलिक ने अपनी हताशा जाहिर करते हुए कहा, हम भारत की तरह नहीं हैं। उन्होंने माना कि पाकिस्तान बजट घाटे और अंतरराष्ट्रीय दबावों के कारण भारत की तरह स्वतंत्र फैसले लेने की स्थिति में नहीं है। आज पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें 378 रुपये प्रति लीटर के आसपास हैं, जो वहां की अर्थव्यवस्था पर बोझ बनी हुई हैं।
🇵🇰🗣🛢No Petroleum Reserves for Even a Single Day, says #Pakistan’s Federal Minister for #Petroleum, Ali Pervaiz Malik,
— Mahalaxmi Ramanathan (@MahalaxmiRaman) April 28, 2026
❗️Adding that the country is not like 🇮🇳 #India with 60–70 days of reserves that can be released with a single signature, and warning that people still do not… pic.twitter.com/RcwHbH1YxX
दिल्ली जनगणना 2027: घर बैठे पूरी करें स्व-गणना, सीएम और एलजी ने की नागरिकों से खास अपील
सब ठीक हो जाएगा : सोनम वांगचुक से मिले अमित शाह, क्या सुलझेंगे लद्दाख के मुद्दे?
15 साल के वैभव को उकसाना पड़ा महंगा, काइल जैमीसन पर गिरी BCCI की गाज
ट्रंप की दो टूक: ईरान का नया प्रस्ताव खारिज, सैन्य टकराव पर अमेरिका का रुख सख्त
BPSC का बड़ा एक्शन: AEDO परीक्षा रद्द, धांधली करने वाले 32 अभ्यर्थी ब्लैकलिस्ट
क्या बंगाल में BJP की जीत से बांग्लादेश में मची है खलबली? घुसपैठियों पर छिड़ी आर-पार की जंग
महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट आज: दोपहर 1 बजे घोषित होंगे नतीजे, तनाव कम करने के लिए जारी हुए 10 हेल्पलाइन नंबर्स
नतीजों से पहले ही घबरा गईं ममता? EVM की सुरक्षा को लेकर स्ट्रीटफाइटर का नया दांव
पश्चिम बंगाल: मतदान केंद्रों पर बवाल, टीएमसी और भाजपा समर्थकों में तनातनी
स्पीड ब्रेकर बना जहाज का रनवे , स्कूटी सवार लड़की के साथ हुआ खतरनाक हादसा!