पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले सियासी पारा अपने चरम पर है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर कोलकाता में एक भव्य रोड शो किया। लेकिन इस चुनावी शोर के बीच प्रधानमंत्री का उत्तर कोलकाता के प्राचीन ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर पहुंचना खास चर्चा का विषय रहा।
मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना रोड शो शुरू करने से पहले पीएम मोदी ने विधान सरणी स्थित इस सिद्ध शक्तिपीठ में मां काली का आशीर्वाद लिया। पुजारियों के मंत्रोच्चार के बीच प्रधानमंत्री ने काफी देर तक मौन रहकर प्रार्थना की। मंदिर से बाहर निकलते ही सड़कों पर जय श्री राम और शंख की ध्वनियों से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा।
300 साल पुराना है इतिहास ठनठनिया कालीबाड़ी का इतिहास कोलकाता के शहरी विकास से भी पुराना है। 1703 में स्थापित यह मंदिर शहर के सबसे प्रतिष्ठित और जागृत मंदिरों में गिना जाता है। यहाँ माँ काली को मां सिद्धेश्वरी के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर महान संत रामकृष्ण परमहंस की साधना स्थली भी रहा है। मान्यता है कि परमहंस अक्सर यहाँ आकर भजन गाते थे। मंदिर की दीवारों पर उनकी वाणी— शंकरेर हृदोय माझे, काली बिराजे (मां काली शंकर के हृदय में निवास करती हैं)— आज भी भक्तों को प्रेरित करती है।
बीजेपी की बदली रणनीति बंगाल में पहले चरण के रिकॉर्ड 92 प्रतिशत मतदान के बाद भाजपा का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ है। पार्टी इसे अपने पक्ष में मानकर चल रही है। उत्तर कोलकाता में प्रधानमंत्री का यह रोड शो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। भाजपा की कोशिश शहरी मतदाताओं को साधने की है, जहाँ लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस (TMC) का प्रभाव रहा है।
मतुआ समुदाय पर भी नजर ठनठनिया कालीबाड़ी के साथ-साथ पीएम मोदी ने मतुआ समुदाय के मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। मतुआ समुदाय का बंगाल की राजनीति में बड़ा दखल है। 2019 में समुदाय की बोड़ो मां बीनापानी ठाकुर से मुलाकात के बाद से ही मोदी का इस समुदाय से खास लगाव रहा है।
दूसरे चरण पर टिकी निगाहें अब सभी की नजरें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान पर टिकी हैं। एक तरफ भाजपा ने अपनी पूरी ताकत चुनावी प्रचार में झोंक दी है, तो दूसरी तरफ टीएमसी भी अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए लगातार रैलियां कर रही है। यह मुकाबला अब बेहद कड़ा होता जा रहा है।
*জয় মা কালী!
— Narendra Modi (@narendramodi) April 26, 2026
জয় মা দুর্গা!
কলকাতায়, আজ সন্ধ্যায় আমি ঠনঠনিয়া কালীবাড়িতে প্রার্থনা করলাম।
এই প্রাচীন মন্দিরটির বাঙালি সংস্কৃতি, বিশেষত: কলকাতার সঙ্গে ঘনিষ্ট সম্পর্ক। শ্রী রামকৃষ্ণের সঙ্গেও এই মন্দিরের গভীর সংযোগ রয়েছে, তিনি প্রায়শই এখানে প্রার্থনা করতেন।
আমি ভারতের… pic.twitter.com/kMh1W15JTk
IPL 2026: अजीबोगरीब नियम का शिकार बना KKR का बल्लेबाज, मैदान पर फूटा खिलाड़ी का गुस्सा
IPL 2026: पंजाब का ऐतिहासिक कारनामा, 265 रनों का लक्ष्य चेज कर रचा इतिहास; प्रीति जिंटा का पंच हुआ वायरल
होटल में अभिषेक शर्मा से फीमेल फैन की बदसलूकी, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल
उसका लैब टेस्ट करवाओ , 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बैटिंग देख दंग रह गया पाकिस्तान
ट्रंप पर हमले से मचा सियासी बवाल: कांग्रेस नेता बोले- जैसी करनी वैसी भरनी
गीले सीमेंट पर स्कूटी लेकर चढ़े चचा , सड़क का हुलिया बिगाड़कर खुद भी फंसे; देखें वायरल वीडियो
गुजरात निकाय चुनाव: अमित शाह का शक्ति प्रदर्शन , गांधीनगर में परिवार संग डाला वोट
8th Pay Commission: कोविड काल में अटके DA का हिसाब, एक कर्मचारी को हुआ ₹25,000 का सीधा नुकसान
गुजरात निकाय चुनाव: मतदान के बीच तीन लोगों की मौत से पसरा मातम
महाराष्ट्र में मराठी भाषा का फरमान: लाइसेंस रद्द होने के डर और सियासत के बीच क्या है सच?