बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो तूफान मचा रहा है। इसमें पीएम को पश्चिम बंगाल के झारग्राम में सड़क किनारे एक आम दुकानदार से झालमुड़ी खरीदते और खाते हुए देखा गया। 24 घंटे के भीतर इस वीडियो को 10 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है, जो एक नया कीर्तिमान है।
यह वीडियो 19 अप्रैल 2026 का है, जब पीएम पश्चिम बंगाल में चार रैलियों को संबोधित कर रहे थे। झारग्राम में उन्होंने एक छोटा सा ब्रेक लेकर स्थानीय स्वाद का आनंद लिया। चुनावी राज्यों जैसे असम, बंगाल और तमिलनाडु में वोटर्स की संख्या से कई गुना ज्यादा लोग इस वीडियो को देख चुके हैं, जो साबित करता है कि जनता के साथ जुड़ाव बनाने का पीएम का यह तरीका कितना प्रभावी है।
इस वीडियो पर राजनीति भी खूब हो रही है। तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी ने इसे पूरी तरह स्क्रिप्टेड करार दिया है। ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि अगर यह पहले से तय नहीं था, तो वहां इतने सारे कैमरे पहले से क्यों मौजूद थे? आलोचकों का मानना है कि यह केवल चुनावी ड्रामा है, जबकि समर्थकों के लिए यह जनता के बीच घुलने-मिलने की एक सहज शैली है।
पीएम मोदी की रणनीति में स्थानीयता को खास जगह दी जाती है। असम में चाय बागान की महिलाओं के साथ नृत्य करना हो या बंगाल में झालमुड़ी का स्वाद लेना—मोदी हर राज्य की संस्कृति और खान-पान को अपने भाषणों और विजुअल कंटेंट में शामिल करते हैं। वे जानते हैं कि एक छोटे से क्लिप या रील के जरिए वे लाखों युवाओं के फोन तक सीधे पहुँच सकते हैं, जो पारंपरिक रैलियों से कहीं अधिक असरदार है।
डिजिटल माध्यमों का सही इस्तेमाल मोदी की सबसे बड़ी ताकत रही है। 2014 में चाय पे चर्चा से लेकर थ्री-डी होलोग्राम तकनीक और कोविड के दौरान वर्चुअल रैलियों तक, मोदी ने हमेशा खुद को समय के साथ बदला है। 2019 में मैं भी चौकीदार कैंपेन हो या आज के दौर में शॉर्ट वीडियो और रील्स, उनकी टीम यह बखूबी जानती है कि किस पल को वायरल बनाना है।
मोदी की भाषण शैली हर राज्य के भूगोल और मिजाज के हिसाब से बदल जाती है। बंगाल में वे बंगाली शब्दों और दुर्गा पूजा का जिक्र करते हैं, तो असम में स्थानीय पहचान और अस्मिता की बात करते हैं। तमिलनाडु में वे तमिल संस्कृति की प्रशंसा कर एक क्षेत्रीय कनेक्ट बनाते हैं। उनके भाषण हमेशा आंकड़ों से आगे बढ़कर व्यक्तिगत कहानियों पर केंद्रित होते हैं, जो सीधे आम आदमी के दिल को छूती है।
झालमुड़ी वाला वीडियो महज एक स्नैक ब्रेक नहीं, बल्कि उसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है जिसने उन्हें देश का सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया लीडर बनाया है। चाहे इसका विरोध हो या समर्थन, यह स्पष्ट है कि पीएम मोदी ने चुनाव प्रचार के पारंपरिक नियमों को बदलकर डिजिटल युग के नए आयाम स्थापित कर दिए हैं।
Murarai, West Bengal: Chief Minister Mamata Banerjee says, They have fitted a microphone, jhalmuri prepared in a shop with the help of SPG. He doesn t have 10 rupees in his pocket. What a drama. During elections, he says, ‘I am a chaiwala,....Why was a camera already installed… pic.twitter.com/4fEAWNCjhX
— IANS (@ians_india) April 20, 2026
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