समंदर में जंग : US मरीन कमांडोज ने घेरा ईरानी जहाज, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव
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छह घंटे तक दी चेतावनी, फिर ऐसे हुआ हमला यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना ने एक ईरानी ध्वज वाले जहाज ‘M/V टौस्का’ को रोकने के लिए छह घंटे तक लगातार चेतावनी दी। जब जहाज ने आदेशों का पालन नहीं किया, तो अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस स्प्रुआंस ने जहाज के इंजन सिस्टम को निशाना बनाया और उसे बेकार कर दिया। इसके बाद मरीन कमांडो हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे जहाज पर उतरे और उसे अपने नियंत्रण में ले लिया।

ट्रंप का बड़ा दावा: जहाज अवैध गतिविधियों में शामिल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि ईरानी जहाज अब पूरी तरह से अमेरिकी कब्जे में है और उसकी बारीकी से तलाशी ली जा रही है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ट्रेजरी विभाग ने इस जहाज पर पहले ही प्रतिबंध लगा रखे थे। यह कार्रवाई उस नई नीति का हिस्सा है जिसके तहत अमेरिका ने ईरान से आने-जाने वाले किसी भी जहाज को ब्लॉक करने का कड़ा फैसला लिया है।

इस्लामाबाद शांति वार्ता की विफलता और घेराबंदी यह समुद्री संघर्ष इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के बेनतीजा खत्म होने के बाद शुरू हुआ। वार्ता विफल होने के बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी करने का आदेश दिया। अमेरिका का कहना है कि ईरान से जुड़ा कोई भी जहाज, जो अरब सागर की ओर बढ़ेगा, उसे जब्त कर लिया जाएगा।

ईरान का पलटवार: इसे बताया समुद्री डकैती ईरान ने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर समुद्री डकैती करार दिया है। ईरान के सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, यह जहाज चीन से आ रहा था और अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय नियमों और सीजफायर का उल्लंघन किया है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे इस सैन्य कार्रवाई का जल्द ही मुंहतोड़ जवाब देंगे।

दुनिया पर मंडराया तेल संकट का खतरा इस घटना ने वैश्विक एनर्जी मार्केट में खलबली मचा दी है। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा फ्री में नहीं मिलेगी। ईरान ने साफ कर दिया है कि यदि उस पर दबाव बनाए रखा गया, तो इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर पड़ेगा और दुनिया भर में ईंधन संकट गहरा सकता है।

कूटनीति पर उठा भरोसा, ईरान को फिर मिला धोखा ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से फोन पर बात करते हुए अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत और सीजफायर के बहाने अमेरिका का यह व्यवहार कूटनीतिक धोखे जैसा है। इस घटना के बाद ईरानी नेतृत्व में अमेरिका के इरादों को लेकर गहरा अविश्वास पैदा हो गया है, जिससे क्षेत्र में शांति की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं।

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