प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले भारत विश्वगुरु है वाले दावे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने एक बड़ा बयान दिया है। दिल्ली में संस्कृत भारती के केंद्रीय कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर जोशी ने कहा कि हमें विश्वगुरु शब्द का उपयोग करने से बचना चाहिए।
क्या बोले मुरली मनोहर जोशी? कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत आज एक विश्वगुरु है, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, हमें विश्वगुरु शब्द नहीं बोलना चाहिए। हम अभी विश्वगुरु नहीं हैं। भारत कभी विश्वगुरु था। उन्होंने आगे कहा कि हमारा लक्ष्य विश्वगुरु बनना होना चाहिए, न कि यह दावा करना कि हम अभी उस स्थिति में हैं।
संस्कृत की अहमियत पर जोर जोशी ने संस्कृत भाषा को भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने नासा का हवाला देते हुए कहा कि नासा के वैज्ञानिक भी यह मानते हैं कि संस्कृत संप्रेषण (Communication) की सबसे महत्वपूर्ण भाषा है। उन्होंने कहा कि संस्कृत में वह गजब की क्षमता है जो ज्ञान के अथाह सागर को एक छोटे से दायरे में समेट सकती है।
युवाओं को दी खास नसीहत देश के युवाओं को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता ने सलाह दी कि उन्हें संस्कृत सीखनी चाहिए। उन्होंने कहा, युवा वर्ग संस्कृत में भाषण देना सीखें, लिखना सीखें और इसके साहित्य को पढ़ें। संस्कृत में जो ज्ञान छिपा है, उसे आत्मसात करें। उनके अनुसार, यदि भारत संस्कृत को जल्द से जल्द वैश्विक स्तर पर संप्रेषण की भाषा बना लेता है, तो यह देश की एक अभूतपूर्व उपलब्धि होगी।
वैज्ञानिक ओपनहाइमर और गीता का प्रसंग संस्कृत के महत्व को समझाते हुए जोशी ने परमाणु बम के जनक रॉबर्ट ओपनहाइमर का एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब ओपनहाइमर ने पहला परमाणु विस्फोट देखा, तो उनके मुख से अनायास ही भगवद गीता का श्लोक निकला था। उन्होंने कहा कि विस्फोट देखकर उन्हें भगवान कृष्ण के विराट रूप का दर्शन हुआ था।
संस्कृत से होगा भारत का उद्धार मुरली मनोहर जोशी ने समापन में कहा कि दुनिया के कई बड़े विद्वान और वैज्ञानिक संस्कृत के ज्ञान और सामर्थ्य को समझते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतवासी जितनी जल्दी संस्कृत के ज्ञान को अपने जीवन में उतारेंगे, देश का उतना ही तेजी से उद्धार होगा। उन्होंने इसे पूरी दुनिया के लिए भी एक महत्वपूर्ण योगदान बताया।
Delhi: On the inauguration of the central office of Samskrita Bharati, Veteran BJP Leader Murli Manohar Joshi says, The organization working for the Sanskrit language is not being inaugurated. Sanskrit is not being promoted or inaugurated properly. Real progress in the country… pic.twitter.com/ikRe4RIQRy
— IANS (@ians_india) April 20, 2026
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