नेपाल सरकार के एक हालिया फैसले ने भारत-नेपाल सीमा पर रहने वाले लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। सरकार ने आदेश जारी किया है कि अब 100 रुपये से अधिक मूल्य का सामान भारत से लाने पर नेपाल के नागरिकों को सीमा शुल्क (Custom Duty) देना होगा। प्रशासन ने इस नियम को इतनी सख्ती से लागू किया है कि सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों द्वारा आम नागरिकों से छोटे-छोटे सामान के पैकेट भी जब्त किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।
महंगाई का दोहरा मार मधेश प्रांत में रहने वाले लगभग 50 लाख लोगों के लिए यह फैसला आर्थिक संकट बन गया है। पहले से ही कमरतोड़ महंगाई से जूझ रही जनता के लिए अब भारत से सस्ता राशन लाना कठिन हो गया है। मधेश के लोग अक्सर भारत के सीमावर्ती बाजारों से राशन और अन्य जरूरी सामान लाते थे, जिससे उन्हें काफी राहत मिलती थी। लेकिन अब इस टैक्स ने उनकी पहुंच से सस्ता सामान दूर कर दिया है।
राजस्व बनाम जनता का हित सरकार का तर्क है कि यह फैसला स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहित करने और सरकारी खजाना भरने के लिए लिया गया है। सरकार के दावों के अनुसार, इस सख्ती के चलते मार्च महीने में ही निर्धारित लक्ष्य का 85 प्रतिशत राजस्व वसूला जा चुका है। हालांकि, सरकार ने उन आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं किया है कि यह लक्ष्य क्या है और इसका बोझ आम आदमी की जेब पर कितना भारी पड़ रहा है।
कीमतों में भारी अंतर नेपाल और भारत के बाजारों में सामान की कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर है। उदाहरण के तौर पर, नेपाल में सरसों तेल की कीमत भारतीय मुद्रा में लगभग 600 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाती है, जबकि भारत में यह 150 रुपये के आसपास है। इसी तरह चीनी और अन्य राशन का सामान भारत में नेपाल की तुलना में आधे से भी कम दाम पर उपलब्ध है। ऐसे में सीमा शुल्क का बोझ मधेशियों के पारिवारिक बजट को पूरी तरह बिगाड़ रहा है।
रोटी-बेटी के संबंध पर भी चोट नेपाल और भारत के बीच दशकों पुराने रोटी-बेटी के संबंध हैं। सीमा के दोनों ओर लाखों लोग वैवाहिक संबंधों से बंधे हैं। अनुमान है कि 3 लाख से अधिक ऐसे लोग हैं जिनका आना-जाना लगा रहता है। नए नियमों के कारण अब भारत से अपने रिश्तेदारों के घर उपहार (Gift) ले जाना भी महंगा हो गया है। 100 रुपये से अधिक के किसी भी तोहफे पर टैक्स लगने के कारण लोगों में भारी आक्रोश है।
इस नीति ने सीमावर्ती निवासियों के दैनिक जीवन को कठिन बना दिया है, और विशेषज्ञ मान रहे हैं कि सरकार को राजस्व और मानवीय दृष्टिकोण के बीच संतुलन बनाने की तत्काल आवश्यकता है।
Bales clown 🤡 shah will destroy Nepal…
— Amitabh Chaudhary (@MithilaWaaala) April 20, 2026
Shocking visuals from Indo-Nepal border as Nepali forces SNATCH even small packets from citizens & TAX them 🤯
Balen Shah Govt has imposed a custom duty on every item, even as small as ₹100.
Thousands of Indian traders in Bihar , UP… pic.twitter.com/kbrmGxkH6v
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