इजराइल द्वारा सोमालीलैंड में अपना राजनयिक प्रतिनिधि नियुक्त करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। सऊदी अरब, मिस्र और कतर समेत 16 मुस्लिम देशों ने इस कदम की कड़ी निंदा की है। इन देशों का कहना है कि इजराइल का यह फैसला सोमालिया की क्षेत्रीय अखंडता का सीधा उल्लंघन है।
संयुक्त विरोध का मोर्चा सऊदी अरब, मिस्र, सोमालिया, तुर्की, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और कुवैत सहित कुल 16 देशों के विदेश मंत्रियों ने एक साझा बयान जारी किया है। इन देशों ने स्पष्ट किया है कि इजराइल का यह एकतरफा फैसला अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों के खिलाफ है। उनके अनुसार, यह कदम न केवल सोमालिया की संप्रभुता को चुनौती देता है, बल्कि अफ्रीका के हॉर्न (Horn of Africa) क्षेत्र में अस्थिरता का नया दौर शुरू कर सकता है।
क्यों शुरू हुआ यह विवाद? विवाद की जड़ इजराइल का दिसंबर 2025 का वह निर्णय है, जिसमें उसने सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की घोषणा की थी। सोमालिया का मानना है कि सोमालीलैंड उसका अभिन्न हिस्सा है। किसी भी बाहरी देश द्वारा इसे स्वतंत्र राष्ट्र का दर्जा देना सोमालिया की एकता को तोड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है सोमालीलैंड का इतिहास? सोमालीलैंड ने 1991 में सोमालिया में हुए गृहयुद्ध के बाद खुद को अलग घोषित कर दिया था। पिछले 30 वर्षों से यहां अपनी चुनी हुई सरकार, पुलिस बल, मुद्रा और पासपोर्ट प्रणाली काम कर रही है। हालांकि, इतने वर्षों तक इसे वैश्विक स्तर पर कोई आधिकारिक मान्यता नहीं मिली थी। इजराइल इसे मान्यता देने वाला पहला देश बना है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल का यह कदम सोमालीलैंड की रणनीतिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके राजनीतिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं। विरोध करने वाले देशों ने चेतावनी दी है कि ऐसे कदमों से भविष्य में बड़े कूटनीतिक विवाद पैदा हो सकते हैं, जो पहले से ही तनावग्रस्त इस क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बन सकते हैं।
Statement | Sixteen Arab and Islamic nations strongly condemn Israel s announcement of appointing a diplomatic envoy to the so-called “Somaliland”
— Ministry of Foreign Affairs - Qatar (@MofaQatar_EN) April 19, 2026
Doha | April 18, 2026
We, the foreign ministers of the State of Qatar; the State of Kuwait; Kingdom of Saudi Arabia; Arab Republic… pic.twitter.com/b4bpQ5q5Uh
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