IPL की वह शुरुआत: जब धोनी बने सबसे महंगे और आइकन प्लेयर्स का चला था दांव
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18 अप्रैल 2008 को जब IPL के पहले संस्करण का आगाज हुआ, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग बन जाएगी। आज भले ही IPL अरबों का साम्राज्य हो, लेकिन इसकी शुरुआत एक दिलचस्प प्रयोग और जोखिम के साथ हुई थी।

ललित मोदी का वो मास्टरस्ट्रोक IPL के सूत्रधार तत्कालीन कमिश्नर ललित मोदी थे। उन्होंने क्रिकेट के ग्लैमर और बिजनेस का ऐसा तालमेल बिठाया कि दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ी भारत खिंचे चले आए। मुंबई इंडियंस उस समय 111.9 मिलियन डॉलर में बिकी सबसे महंगी टीम बनी थी, जबकि महेंद्र सिंह धोनी 1.5 मिलियन डॉलर (करीब 6 करोड़ रुपये) की बोली के साथ टूर्नामेंट के सबसे महंगे खिलाड़ी बनकर उभरे।

क्या था आइकन प्लेयर का कॉन्सेप्ट? बीसीसीआई ने भारतीय सितारों की ब्रांड वैल्यू भुनाने के लिए आइकन प्लेयर का कॉन्सेप्ट पेश किया। इसके तहत सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों को सीधे उनके घरेलू शहरों की टीमों से जोड़ा गया।

नियम यह था कि इन खिलाड़ियों को उनकी टीम के सबसे महंगे खिलाड़ी से 15% अधिक वेतन मिलेगा। नीलामी से दूर रखे गए इन खिलाड़ियों का मकसद टीम की लोकप्रियता बढ़ाना था, लेकिन इनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा।

आइकन प्लेयर्स का फीका प्रदर्शन टूर्नामेंट में सचिन, गांगुली, द्रविड़ और युवराज जैसे दिग्गज बल्ले से कोई बड़ा करिश्मा नहीं कर सके। सौरव गांगुली और युवराज सिंह का प्रदर्शन औसत रहा, वहीं सचिन चोट के कारण शुरुआती मैचों में नहीं खेल पाए। मैदान पर इन खिलाड़ियों के साधारण प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई ने इस प्रयोग को दोबारा न दोहराने का फैसला किया।

मैकुलम की वो ऐतिहासिक पारी IPL के उदय का सबसे बड़ा कारण बना उद्घाटन मैच। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच हुए पहले ही मुकाबले में ब्रेंडन मैकुलम ने 158 रनों की नाबाद पारी खेलकर IPL को एक अलग पहचान दी। 13 छक्के और 10 चौकों वाली यह पारी आज भी टूर्नामेंट की सबसे आइकॉनिक शुरुआत मानी जाती है।

राजस्थान रॉयल्स का जादुई सफर उस सीजन में सबको हैरान करते हुए शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स चैंपियन बनी। एक साधारण टीम को वॉर्न ने अपनी स्मार्ट कप्तानी और युवाओं को तराश कर विजेता बनाया। फाइनल में उन्होंने धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स को मात दी।

एक गेमचेंजर शुरुआत 2008 का पहला सीजन सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि एक ब्रांड के जन्म की कहानी थी। चाहे चेन्नई का 240 रनों का विशाल स्कोर हो या बैंगलोर का 82 पर सिमटना, पहले संस्करण के इन यादगार पलों ने तय कर दिया था कि यह लीग इतिहास रचने आई है। आज IPL जिस कामयाबी पर है, उसकी नींव 19 साल पहले इन्हीं प्रयोगों ने रखी थी।

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