कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका के बीच सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा फिर से खटखटाया है। खेड़ा ने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया है कि तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा उन्हें दी गई एक सप्ताह की ट्रांजिट बेल पर लगी रोक को हटा दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में तेलंगाना हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिससे पवन खेड़ा को गिरफ्तारी से सुरक्षा मिली थी। इस फैसले के बाद से कांग्रेस नेता की मुश्किलें बढ़ गई हैं और उनकी गिरफ्तारी का खतरा फिर से मंडराने लगा है।
असम सरकार ने दी है चुनौती जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने असम सरकार की याचिका पर खेड़ा को नोटिस जारी किया है। असम सरकार ने तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन सप्ताह का समय निर्धारित किया है। अब मामले की सुनवाई कल होने की उम्मीद है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
क्या है पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत 5 अप्रैल को हुई, जब पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने दावा किया कि रिनिकी के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति है, जिसका खुलासा मुख्यमंत्री ने अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया है।
सरमा दंपति का पलटवार इन आरोपों को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां ने सिरे से खारिज कर दिया है। इसे झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए, रिनिकी ने कांग्रेस नेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया। इसके बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच ने पवन खेड़ा के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 318), झूठा बयान देने (धारा 175) और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
चर्चा में रिनिकी भुइयां की नेटवर्थ असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा मुख्य रूप से एक उद्यमी के रूप में जानी जाती हैं। राजनीति में सक्रिय भूमिका न होने के बावजूद, उनके व्यवसायों और विशाल संपत्ति को लेकर राजनीतिक गलियारों में अक्सर बहस होती रहती है। अब इस कानूनी विवाद के चलते उनकी नेटवर्थ, आय और विदेशी निवेश के विवरण फिर से सार्वजनिक चर्चा का केंद्र बन गए हैं।
Congress leader Pawan Khera reached the Supreme Court of India seeking removal of the stay on the one-week transit bail granted by the Telangana High Court. The Supreme Court had on 15th April issued him a notice and sought a reply within three weeks. Khera, who is facing an FIR… pic.twitter.com/uPZmaBUFVC
— IANS (@ians_india) April 16, 2026
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