वेस्ट एशिया में तनाव अपने चरम पर है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ऐलान किया है कि उसने ईरान की समुद्री सीमाओं पर पूर्ण नाकाबंदी (Naval Blockade) शुरू कर दी है। यह कदम डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई डेडलाइन खत्म होने के बाद उठाया गया है।
अभेद्य घेराबंदी: 24 घंटे में कोई जहाज़ नहीं निकला अमेरिकी सेना ने 10,000 से अधिक नाविकों, मरीन और एयरमैन को समुद्र में उतार दिया है। ऑपरेशन में एक दर्जन से ज्यादा जंगी जहाज़ और दर्जनों एयरक्राफ्ट शामिल हैं। CENTCOM के अनुसार, नाकाबंदी के पहले 24 घंटों में कोई भी जहाज़ अमेरिकी सुरक्षा घेरे को भेदने में सफल नहीं हुआ। वहीं, 6 व्यापारी जहाज़ों को अमेरिकी आदेश मानते हुए वापस लौटना पड़ा।
बिना भेदभाव लागू है नाकाबंदी यह प्रतिबंध केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी देशों के जहाज़ों पर लागू है जो ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं। इसमें अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी तट शामिल हैं। अमेरिकी सेना का दावा है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य से गैर-ईरानी पोर्ट की ओर जाने वाले जहाज़ों को पूरी सुरक्षा और नेविगेशन की आज़ादी देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया का नया फ्लैशपॉइंट पाकिस्तान में शांति वार्ता विफल होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य अब दुनिया का सबसे बड़ा संकट बिंदु बन गया है। दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुज़रता है। ब्लॉकेड की वजह से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर खतरा मंडरा रहा है।
फ्रांस और यूके की पहल, पीएम मोदी से भी हुई बात इस संकट को थामने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज़ हो गई हैं। फ्रांस और ब्रिटेन इस शुक्रवार को 40 से अधिक देशों की एक जॉइंट कॉन्फ्रेंस पेरिस में आयोजित करने जा रहे हैं। इसका लक्ष्य मल्टीलेटरल डिफेंसिव मिशन के ज़रिए होर्मुज में नेविगेशन की आज़ादी बहाल करना है।
वहीं, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच भी इस संवेदनशील मुद्दे पर टेलीफोनिक चर्चा हुई है। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है।
मैक्रों की मध्यस्थता की कोशिश फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप दोनों से बात की है। मैक्रों ने इस्लामाबाद में रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू करने और किसी भी तरह के बड़े सैन्य टकराव से बचने की अपील की है। फिलहाल दुनिया की नज़लें शुक्रवार की पेरिस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं।
More than 10,000 U.S. Sailors, Marines, and Airmen along with over a dozen warships and dozens of aircraft are executing the mission to blockade ships entering and departing Iranian ports. During the first 24 hours, no ships made it past the U.S. blockade and 6 merchant vessels… pic.twitter.com/dpWAAknzQp
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 14, 2026
CBSE 10वीं रिजल्ट: केंद्रीय विद्यालयों का जलवा बरकरार, 99.57% छात्रों ने फहराया सफलता का परचम
आशा भोसले के निधन पर सोनिया गांधी से हुई बड़ी चूक, पत्र में दिवंगत बेटे का नाम देख भड़के लोग
ऑपरेशन सिंदूर का हीरो कौन? क्या इस फ्लॉप स्टार किड पर दांव लगाएंगे विवेक अग्निहोत्री?
AAP सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED का शिकंजा, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छापेमारी से हड़कंप
सत्ता के नशे में चूर! भाजपा विधायक की बेटी ने बीच सड़क युवक को पीटा, वीडियो वायरल
MP Board Result: आज जारी होंगे 16 लाख छात्रों के नतीजे, जानें कैसा रहा था पिछले साल का प्रदर्शन
IPL 2026: क्या एलएसजी के खिलाफ मैच से बाहर होंगे विराट कोहली? चोट की खबरों से आरसीबी फैंस की बढ़ी चिंता
होमुर्ज जलमार्ग पर अमेरिका का कड़ा पहरा: 10 ईरानी जहाज वापस खदेड़े, ट्रंप बोले- हमेशा के लिए खुलेगा रास्ता
IPL 2026: चेन्नई सुपर किंग्स को बड़ा झटका, स्टार तेज गेंदबाज टूर्नामेंट से बाहर
PSL में कॉमेडी ऑफ एरर्स : फील्डर की बेवकूफी देख पकड़ लेंगे सिर, वायरल हुआ वीडियो