नोएडा हिंसा: क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में रची गई थी नक्सली साजिश?
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नोएडा की हाईटेक सिटी में श्रमिकों के शांतिपूर्ण आंदोलन ने अचानक हिंसक मोड़ ले लिया, जिससे पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रदर्शनकारियों के बीच छिपे कुछ अज्ञात चेहरों ने पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और जमकर पत्थरबाजी की। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है।

पाक हैंडलर्स और हिंसा का इंडस्ट्रियल कनेक्शन पुलिस की शुरुआती जांच इशारा कर रही है कि यह सिर्फ वेतन विवाद नहीं, बल्कि एक गहरी योजना थी। सूत्रों के मुताबिक, भीड़ में अचानक घुसे कुछ संदिग्ध युवकों का उद्देश्य शांतिपूर्ण मांगें रखना नहीं, बल्कि दंगा भड़काना था। यूपी एटीएस द्वारा पकड़े गए 4 संदिग्धों ने खुलासा किया है कि वे सीमा पार (पाकिस्तान) के हैंडलर्स के इशारों पर काम कर रहे थे। इनका मकसद प्रदेश की कानून-व्यवस्था को चुनौती देना था।

सीएम योगी की चेतावनी: नक्सलवाद को पनपने न दें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपद्रव को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि देश से खत्म हो रहे नक्सलवाद को दोबारा जीवित करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी करने और उपद्रवियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

औद्योगिक इकाइयों को 24 घंटे का अल्टीमेटम स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए सीएम ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को 24 घंटे के भीतर सभी प्रबंधन समितियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि श्रमिकों को सुरक्षित माहौल और सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए। औद्योगिक संगठनों से कहा गया है कि वे श्रमिकों की समस्याओं को सुलझाने में देरी न करें।

डीएम का सख्त एक्शन: नई गाइडलाइन जारी हिंसा के बाद जिला प्रशासन ने श्रमिकों के हितों के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान अनिवार्य होगा। अब कंपनियों को सैलरी स्लिप देना और ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से करना होगा। वेतन में अवैध कटौती करने वाली कंपनियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बोनस का भुगतान 30 नवंबर तक सीधे बैंक खातों में करने को कहा गया है।

अफवाहों से बचें, प्रशासन के कंट्रोल रूम का लें सहारा प्रशासन ने श्रमिकों से अपील की है कि वे बाहरी तत्वों की अफवाहों पर ध्यान न दें। श्रमिकों की समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए प्रशासन ने एक डेडिकेटेड कंट्रोल रूम बनाया है। किसी भी शिकायत के लिए श्रमिक प्रशासन द्वारा जारी हेल्पाइन नंबरों 120-2978231, 120-2978232, 120-2978862, 120-2978702 पर संपर्क कर सकते हैं। शासन ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

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