नई दिल्ली स्थित ईरान कल्चर हाउस में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन के 40वें दिन (चेहलुम) के अवसर पर एक विशेष स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में भारत के राजनीतिक दिग्गजों, राजनयिकों और विभिन्न समुदायों के लोगों ने हिस्सा लेकर उन्हें नमन किया।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि और एकता का प्रदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने एक बहु-समुदायिक एकता का संदेश दिया। इस दौरान मीनाब स्कूल की उन छात्राओं की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गईं, जिनकी दुखद मृत्यु ने पूरे कार्यक्रम के माहौल को और अधिक गंभीर व भावुक बना दिया।
मानवता और न्याय के प्रतीक: हकीम इलाही भारत में पूर्व सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि हकीम इलाही ने इसे आत्मचिंतन का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि खामेनेई का पूरा जीवन मानवता, न्याय और सत्य के लिए समर्पित था। इलाही के अनुसार, भारत में लोगों की यह एकजुटता साझा मानवीय मूल्यों, गरिमा और शांति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भारत सरकार की ओर से उपस्थिति भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत और ईरान के संबंध गहरी सभ्यतागत और सांस्कृतिक जड़ों पर आधारित हैं, जो समय के साथ और मजबूत हुए हैं।
सिद्धांतों पर अडिग रहने का संदेश: मुख्तार अब्बास नकवी भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह आयोजन सिद्धांतों पर डटे रहने का संकल्प दिलाता है। उन्होंने खामेनेई की शिक्षाओं को मानवता के लिए प्रासंगिक बताते हुए कहा कि राष्ट्रों की संप्रभुता, सुरक्षा और सांस्कृतिक अखंडता आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
साहस और बलिदान की विरासत: सलमान खुर्शीद कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने अपने संबोधन में कहा कि अयातुल्लाह अली खामेनेई का जीवन साहस, दृढ़ संकल्प और बलिदान की सीख देता है। उनके अनुसार, यह आयोजन महज श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उनके गौरवशाली जीवन का उत्सव था, जो आस्था और अडिग संकल्प को रेखांकित करता है।
शांति की अपील के साथ समापन कार्यक्रम का समापन एक शांत और गंभीर वातावरण में हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने न्याय और साझा मानवीय मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल एक नेता को याद करने का माध्यम बना, बल्कि विभिन्न विचारधाराओं को शांति के साझा मंच पर लाने में भी सफल रहा।
Minister of State Shri Pabitra Margherita offered solemn respects on behalf of the Government of India at the 40th day (Chehelum) mourning ceremony organized by the Embassy of Iran in New Delhi.
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) April 12, 2026
India–Iran relations are anchored in deep rooted civilizational, cultural and… pic.twitter.com/atZle5aKk4
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