महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आधुनिक भारत का मार्गदर्शक बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि फुले का जीवन केवल इतिहास के पन्नों का एक नाम नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के लिए नैतिक साहस और समाज सेवा का एक जीवंत प्रेरक उदाहरण है।
शिक्षा और समानता के अग्रदूत प्रधानमंत्री ने अपने लेख में उल्लेख किया कि महात्मा फुले का मानना था कि शिक्षा ही न्याय और समानता का एकमात्र माध्यम है। उस दौर में जब समाज का एक बड़ा वर्ग शिक्षा से वंचित था, फुले ने लड़कियों और दलित-पिछड़े वर्गों के लिए द्वार खोले। पीएम मोदी ने कहा कि फुले का विचार था कि जब तक समाज के हर व्यक्ति को समान अधिकार नहीं मिलते, तब तक सच्ची आजादी अधूरी है।
सामाजिक क्रांति का सत्यशोधक समाज फुले के योगदान को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनका सत्यशोधक समाज आंदोलन आधुनिक भारत के सबसे क्रांतिकारी सामाजिक सुधारों में से एक था। इस मंच ने महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण आबादी के लिए आवाज उठाई। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि फुले ने हमेशा किसानों और मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और सामाजिक असमानता को देश की नींव कमजोर करने वाला बताया।
साहस की मिसाल: बीमारी में भी नहीं डगमगाया संकल्प पीएम मोदी ने महात्मा फुले के व्यक्तिगत जीवन के संघर्ष को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि किस तरह गंभीर रूप से बीमार होने और स्ट्रोक आने के बावजूद, फुले ने समाज सेवा का अपना कार्य नहीं छोड़ा। उनका शरीर भले ही कमजोर पड़ा, लेकिन उनका संकल्प अडिग रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भी उनका जीवन विपरीत परिस्थितियों में भी साहस न हारने की सबसे बड़ी सीख देता है।
सावित्रीबाई फुले का अतुलनीय योगदान प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्योतिबा फुले का स्मरण उनकी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले के बिना अधूरा है। उन्होंने सावित्रीबाई को भारत की पहली महिला शिक्षिकाओं में से एक बताते हुए उनके त्याग को नमन किया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे सावित्रीबाई ने न केवल शिक्षा के मिशन को आगे बढ़ाया, बल्कि प्लेग महामारी के दौरान मरीजों की सेवा करते हुए अपना जीवन भी समर्पित कर दिया।
युवाओं के लिए आज भी प्रासंगिक पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत जिस तरह से अनुसंधान, नवोन्मेष और कौशल विकास पर जोर दे रहा है, वह महात्मा फुले की दूरदर्शी सोच का ही विस्तार है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे फुले की तरह जिज्ञासु बनें और समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहकर समाधान खोजें। 200 वर्षों के बाद भी उनके विचार आज भी देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए प्रकाश पुंज की तरह काम कर रहे हैं।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi arrives at Prerna Sthal on the Parliament premises to pay a floral tribute to Mahatma Jyotiba Phule on his 200th birth anniversary today.
— ANI (@ANI) April 11, 2026
Lok Sabha Speaker Om Birla, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Union Minister Arjun Ram Meghwal, former… pic.twitter.com/QexqUVky1Z
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