पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब तक राज्य की वोटर लिस्ट से लगभग 90.83 लाख नाम हटाए जा चुके हैं, जिससे लाखों नागरिक अपनी मताधिकार खोने के डर में जी रहे हैं।
तिरंगा बनाने वाले का नाम ही सूची से गायब हावड़ा के रहने वाले राजू हलदर इस प्रक्रिया के सबसे चर्चित उदाहरण बनकर उभरे हैं। राजू दूसरी पीढ़ी के भारतीय झंडा निर्माता हैं। उनका पूरा घर तिरंगे के रंगों में रंगा है, जो उनके देशभक्ति के जुनून को दर्शाता है। हैरान करने वाली बात यह है कि भारतीय पासपोर्ट रखने और पूर्व में मतदान कर चुके राजू का नाम भी वोटर लिस्ट से गायब पाया गया है।
अंकड़ों का खेल और अंडर एडज्यूडिकेशन का संकट चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, नवंबर से शुरू हुए इस रिवीजन के दौरान 90.83 लाख नाम हटाए गए हैं। इनमें से 27.16 लाख नाम न्यायिक अधिकारियों द्वारा जांच के बाद हटाए गए, जबकि 32.68 लाख नामों को रोल में शामिल रखा गया। 28 फरवरी तक के आंकड़ों में राज्य में वोटरों की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई है।
मुर्शिदाबाद और मालदा पर सबसे बड़ी मार अल्पसंख्यक बहुल जिलों, खास तौर पर मुर्शिदाबाद और मालदा में नाम हटाने की प्रक्रिया सबसे आक्रामक रही है। मुर्शिदाबाद में करीब 7.33 लाख और मालदा में 4.4 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। समसेरगंज और सुती जैसी विधानसभा सीटों पर इसका असर सबसे ज्यादा देखा गया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
सियासी बयानबाजी और चुनाव पर असर इस बड़े पैमाने पर नाम कटने को लेकर राजनीतिक दल आमने-सामने हैं। जहां टीएमसी इसे सोची-समझी साजिश बता रही है, वहीं भाजपा ध्रुवीकरण की संभावना तलाश रही है। विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में असली वोटरों को निशाना बनाया गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और जवाबदेही तय करने के लिए डेटा सार्वजनिक किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट और आगे की राह फिलहाल पश्चिम बंगाल में चुनावी रोल फ्रीज कर दिए गए हैं, जिसका मतलब है कि पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) तक सूची में कोई नया नाम नहीं जुड़ेगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर 13 अप्रैल को सुनवाई करने वाला है। अब तक कोर्ट के दखल के बाद ही केवल दो नाम बहाल किए गए हैं, जबकि राज्य भर में 2 लाख से अधिक अपीलें लंबित पड़ी हैं। जमीन पर लोग सरकारी दफ्तरों के बाहर कतारों में खड़े होकर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
*His name is Raju Halder, a #Muslim born in Howrah, #Bengal. He showed me his house. Painted entirely in the tricolour. 🇮🇳 A man obsessed with India since childhood. A 2nd gen flag maker. That’s right, like his father - he too makes #Indian flags. A life built around… pic.twitter.com/1JyF77CjlE
— Tamal Saha (@Tamal0401) April 10, 2026
समय युद्ध का चौथा आयाम: भविष्य के रणक्षेत्र को लेकर CDS अनिल चौहान ने खोला राज
वृंदावन नाव हादसा: 10 मौतों का जिम्मेदार कौन? सुरक्षा की अनदेखी और हफ्ता वसूली का काला सच
बॉलिंग या नौटंकी? डेरिल मिचेल ने पाक गेंदबाज को बीच मैदान सिखाया सबक!
वैभव सूर्यवंशी का कहर: 15 गेंद में जड़ी फिफ्टी, दिग्गज गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां
US-Iran Peace Talks: पाकिस्तान में शांति वार्ता से पहले ईरान ने उठाए खूनी सबूत , क्या टल पाएगा युद्ध?
रील के चक्कर में मौत का खेल: पिता ने अपनी बच्ची को बालकनी से नीचे कूदाया, वीडियो देख भड़के लोग
हुमायूं कबीर का 1000 करोड़ वाला स्टिंग: अमित शाह ने दो टूक कहा- 20 साल विपक्ष में बैठना मंजूर, पर इनसे नाता नहीं
संदिग्ध कॉल और मैसेज से हैं परेशान? इस पोर्टल पर करें रिपोर्ट, अपराधी का फोन हो जाएगा हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट
इसको मैनेजर किसने बनाया? - मीटिंग में बॉस की बुराई करना पड़ा भारी, वीडियो वायरल
आर्टेमिस II: 53 साल बाद चंद्रमा से लौटे अंतरिक्ष यात्री, मानवता के लिए नया युग शुरू