इस्लामाबाद में महाबैठक: ईरान की टीम पहुंची, जेडी वैन्स के साथ सीजफायर पर टिकी दुनिया की नजरें
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इस्लामाबाद में बड़ी हलचल सीजफायर के चौथे दिन, ईरान का 71 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को इस्लामाबाद पहुंच गया। इस दल का नेतृत्व पार्लियामेंट्री स्पीकर मोहम्मद बाकर ग़ालिबफ़ कर रहे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में तकनीकी विशेषज्ञ, सुरक्षा अधिकारी और मीडियाकर्मी शामिल हैं। बातचीत का मुख्य उद्देश्य शत्रुता को फिर से शुरू होने से रोकना है।

इंटरनेट ब्लैकआउट का काला रिकॉर्ड ईरान में इंटरनेट शटडाउन 1,000 घंटे का आंकड़ा पार कर चुका है। नेटब्लॉक्स के अनुसार, 28 फरवरी से जारी यह ब्लैकआउट देश के इतिहास में सबसे लंबा है। देश के नागरिक अब केवल सरकारी नियंत्रित सेवाओं तक ही सीमित हो गए हैं, जिससे बाहरी दुनिया के साथ उनका सूचना संपर्क लगभग टूट चुका है।

इस्लामाबाद बना सुरक्षा का किला वार्ता के मद्देनजर इस्लामाबाद के रेड ज़ोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है। संसद, दूतावास और सरकारी प्रतिष्ठानों की ओर जाने वाली सड़कों पर भारी बैरिकेडिंग की गई है। शहर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

जेडी वैन्स की कूटनीतिक यात्रा अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैन्स, जेरेड कुशनर के साथ इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वॉशिंगटन इस बातचीत के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अपना रुख साफ रखेगा। ट्रंप ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन के लिए किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हिज्बुल्लाह पर इजराइल का कड़ा रुख इधर, इजराइल ने साफ कर दिया है कि वह लेबनान सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन हिज्बुल्लाह के साथ किसी भी सीजफायर पर चर्चा नहीं करेगा। इजराइल ने दावा किया कि उसने हालिया हमलों में एक मिनट के भीतर 180 हिज्बुल्लाह लड़ाकों को मार गिराया है। शुक्रवार को इजराइल के 40 से अधिक इलाकों में सायरन बजने से तनाव और बढ़ गया है।

ग्लोबल इकोनॉमी पर मंडराता खतरा वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा ने चेतावनी दी है कि इस युद्ध का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा। बंगा के अनुसार, अगर संघर्ष जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो वैश्विक विकास दर में एक प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछाई गई समुद्री माइन और वहां की रुकावटें ग्लोबल एनर्जी मार्केट के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनी हुई हैं।

संयुक्त राष्ट्र की उम्मीदें यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस वार्ता को तनाव कम करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया है। हालांकि वार्ता में यूएन की सीधी भागीदारी अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उनके दूत जीन अर्नाल्ट तेहरान में मौजूद हैं और लगातार कूटनीतिक कोशिशों को समर्थन दे रहे हैं। अब सबकी नजरें इस्लामाबाद में होने वाली उन शर्तों पर टिकी हैं, जिन पर यह शांति वार्ता आगे बढ़ेगी।

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