चुनावों का महासंग्राम: तीन राज्यों में थमा शोर, पुडुचेरी में मतदाताओं का उत्साह सबसे अधिक
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असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शाम छह बजे संपन्न हो गई है। हालांकि, जो मतदाता निर्धारित समय सीमा तक पोलिंग बूथ के भीतर पहुंच गए थे, उन्हें वोट डालने का अंतिम अवसर दिया गया। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान तीनों राज्यों में मतदान के आंकड़ों पर नजर डालें तो पुडुचेरी सबसे आगे रहा, जहां 86.92% वोटिंग दर्ज की गई। इसके बाद असम में 84.42% और केरल में 75.01% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी ने एक आम नागरिक की तरह बाइक से पोलिंग बूथ पहुंचकर सबको चौंका दिया।

दिग्गजों ने डाला वोट, किए बड़े दावे केरल के तिरुवनंतपुरम में पूर्व रक्षा मंत्री और कांग्रेस नेता एके एंटनी ने अपना वोट डाला। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता बदलाव के मूड में है और यूडीएफ (UDF) भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर अपनी पत्नी के साथ जालुकबाड़ी सीट पर मतदान किया।

चुनावी मैदान का गणित इस बार के चुनाव में उम्मीदवारों की लंबी फौज मैदान में है। असम की सभी 126 सीटों पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, केरल में 890 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 2.71 करोड़ मतदाता करेंगे। पुडुचेरी की 30 सीटों पर 20 पार्टियों के 294 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। करीब 10 लाख युवा मतदाता इस बार पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।

नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर तीनों राज्यों में प्रमुख नेताओं के लिए यह चुनाव साख का सवाल है। केरल में जहां मुख्यमंत्री हैट्रिक लगाने की कोशिश में हैं, वहीं असम में हिमंता बिस्व सरमा तीसरी बार भाजपा की सत्ता वापसी के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। पुडुचेरी में एन. रंगास्वामी पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने का लक्ष्य लेकर मैदान में हैं।

हिंसा की छिटपुट घटनाएं मतदान के दौरान कुछ जगहों पर छिटपुट हिंसा की खबरें भी सामने आई हैं। पुडुचेरी के मत्रादिपेट में कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। वहीं, असम के खोवांग के कुतुहा में भी चुनाव संबंधी तनाव की स्थिति पैदा हुई, जिसे पुलिस ने समय रहते नियंत्रित कर लिया। फिलहाल, इन तीनों राज्यों की जनता का फैसला ईवीएम में सुरक्षित हो गया है।

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